रुद्रप्रयाग/ विधायक भरत चौधरी ने अधिकारियों को दी जूते की धमकी बताया जा रहा है कि विधायक भरत चौधरी ने अधिकारियों को खुले तौर पर धमकाते हुए कहा कि जो उनकी बात नहीं मानेगा वह उनके जूते की सुनेगा। विधायक की यह टिप्पणी न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ मानी जा रही है बल्कि उत्तराखंड जैसे शांत और संस्कारी प्रदेश की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाली बताई जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के बयान यह दर्शाते हैं कि कुछ जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों और संवैधानिक मर्यादाओं को भूलकर व्यक्तिगत स्वार्थ को शासन और प्रशासन पर हावी करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे बयान न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करते हैं बल्कि जनता के बीच सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रति विश्वास को भी कमजोर कर सकते हैं।
राज्य के विकास कार्यों पर पड़ सकता है इसका नकारात्मक असर
विधायक भारत चौधरी के इस बयान के बाद यह भी आशंका जताई जा रही है कि राज्य के विकास कार्यों पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है क्योंकि डर और दबाव में लिया गया कोई भी निर्णय जनहित में नहीं होता।
फिलहाल यह मामला उत्तराखंड की राजनीति में एक नए विवाद का कारण बनता दिखाई दे रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष भट्ट पर टिकी सबकी नजरें
फिलहाल अब सभी की नजरें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर टिकी हैं कि वह इस तरह के बयान देने वाले विधायकों के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कदम उठाते हैं। क्या पार्टी नेतृत्व सख्ती दिखाएगा या मामला बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा यह देखना दिलचस्प होगा।