चमोली में गुलदार का आंतक दो मवेशियों को उतारा मौत के घाट गुस्साएं ग्रामीणों ने देरी से पहुंचने पर वन विभाग की टीम को बनाया बंधक।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

चमोली/ जिले के उजिटिया गांव में गुलदार का आतंक दो मवेशियों की मौत के बाद उग्र हुए ग्रामीण वन विभाग की देरी से पहुंची तो ग्रामीणों ने टीम को बंधक बना डाला दो घंटे तक चलता रहा हंगामा चमोली जिले के उजिटिया गांव में गुलदार के लगातार हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। ताज़ा घटना में एक गोशाला में घुसकर गुलदार ने एक गर्भवती गाय और दो वर्षीय बछड़े को मौत के घाट उतार दिया।

यह भी पढ़ें 👉 कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति के शर्मनाक बयान ने बढ़ाई बीजेपी की मुसीबत आज कांग्रेस करेगी रेखा आर्या के आवास का घेराव।

घटना के बाद वन विभाग की टीम के देर से मौके पर पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों ने एक फॉरेस्टर सहित छह वनकर्मियों को रस्सियों से बांधकर लगभग दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

रात में हुआ हमला सुबह चला पता

मंगलवार रात उजिटिया निवासी राजेंद्र मेहरा की गोशाला में गुलदार घुस आया उसने वहां बंधी गर्भवती गाय और बछड़े पर हमला करके दोनों को मार डाला। बुधवार सुबह जब राजेंद्र की पत्नी कस्तूरा देवी रोज़ की तरह गोशाला पहुंचीं तो उन्होंने मवेशियों को लहूलुहान अवस्था में मृत पाया।

यह भी पढ़ें 👉 भिकियासैंण सड़क हादसे के रानीखेत विधायक भी जिम्मेदार, वादे बड़े-बड़े काम ज़ीरो, सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों, क्रैश बैरियर व पैराफिट का न होना जिम्मेदार कौन, क्यों जनप्रतिनिधि मौन।

घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और फौरन वन विभाग को सूचित किया गया।

वन विभाग की के देरी से पहुंचने पर भड़का आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम सुबह लगभग नौ बजे गांव पहुंची। इस देरी और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर विभाग की कथित उदासीनता से ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं में भारी रोष फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने टीम में शामिल एक फॉरेस्टर के साथ ही पांच अन्य कर्मियों को पकड़कर रस्सियों से बांध डाला। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग केवल कागजी कार्रवाई करता है उनकी आजीविका पर सीधा संकट मंडरा रहा है।

अल्मोड़ा में कार्रवाई तेज तो चमोली में सुस्ती क्यों?’

 ग्राम प्रधान दीपा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरेंद्र नेगी ने वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अल्मोड़ा जिले में ऐसी घटनाओं के बाद दो दिनों के अंदर पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया था जबकि उजिटिया और आसपास के गांवों में पिंजरा लगाने की अनुमति देने में जानबूझकर देरी की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉 मोहान वन क्षेत्र के गोदी में बुजुर्ग महिला को गुलदार ने बनाया अपना निवाला, जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव, वन विभाग ने लगाया पिंजरा।

आंकड़ों में गुलदार का खौफ जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट ने बताया कि बीते एक सप्ताह से क्षेत्र में गुलदार का आतंक चरम पर है। उन्होंने आशंका जताई कि गुलदार नरभक्षी भी हो सकता है। भंडारीखोड में तीन गायों को बनाया शिकार उजिटिया में दिनदहाड़े पालतू कुत्ते पर हमला रंगचौणा गांव में गोशाला के भीतर गाय की मौत कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले के पसारागांव और नवाण क्षेत्रों में भी पांच गायों के मारे जाने की सूचना आश्वासन के बाद छोड़े गए वनकर्मी लगभग दो घंटे तक चले तनाव के बाद जिला पंचायत सदस्य सुरेश बिष्ट मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि डीएफओ से वार्ता हो चुकी है और बुधवार शाम तक गांव में पिंजरा लगा दिया जाएगा। ठोस आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए सभी वनकर्मियों को मुक्त कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *