केदारनाथ विधानसभा में केन्द्रीय विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर आंदोलन 31वे दिन भी आंदोलन जारी, अब क्षेत्रीय लोगों ने आंदोलन को उग्र करने की थी चेतावनी।
केदारनाथ विधानसभा में केन्द्रीय विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर आंदोलन 31वे दिन भी आंदोलन जारी, अब क्षेत्रीय लोगों ने आंदोलन को उग्र करने की थी चेतावनी।
रुद्रप्रयाग/ ज़िले के केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण और क्षेत्रीय जनहित की अलग-अलग मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को आज 31 दिन पूरे हो गए है जिसके चलते स्थानीय लोगों और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी केदारनाथ डॉ. आशुतोष भण्डारी और जगमोहन भण्डारी का आमरण अनशन जारी रहा आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक केंद्रीय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होता और स्थानीय जनमानस की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तब तक यह अनशन जारी रहेगा।
इस संघर्ष को वे केवल भवन निर्माण का नहीं बल्कि क्षेत्र के बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखने का आंदोलन बता रहे हैं। आंदोलन को समर्थन देने के लिए जिलाध्यक्ष उक्रांद सुरत सिंह झिंक्वाण प्रधान नैलीकुंड मनोज वैष्णव और जिला पंचायत सदस्य कंदारा अजयवीर भण्डारी सहित अंकित वैष्णव, पंकज राणा, अजीत भण्डारी, जगमोहन झिंक्वाण, राहुल पंवार, अमन पंवार, बिपिन बिष्ट और पार्षद शैला रावत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसी अवसर पर पार्षद शैला रावत ने उत्तराखण्ड क्रांति दल की सदस्यता ग्रहण की जिसका उपस्थित सभी साथियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया जो यह दर्शाता है कि यह मुद्दा अब एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक स्वरूप ले रहा है।
यह आंदोलन क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग का हिस्सा है। दरअसल अगस्त्यमुनि-स्यालसौड़ क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय भवन के निर्माण की मांग को लेकर यूकेडी और स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। इसके अलावा राज्य सरकार ने भी शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का दावा किया है।
जिसके तहत केदारनाथ विधानसभा में तीन क्लस्टर विद्यालय भवन निर्माण के लिए 748.45 लाख की स्वीकृति दी गई है जिसमें से पहली किस्त के रूप में 329.45 लाख जारी भी किए गए हैं। हालांकि आंदोलनकारियों का ज़ोर केंद्रीय विद्यालय भवन के तत्काल निर्माण और अन्य स्थानीय समस्याओं के निवारण पर बना हुआ है।