गोवा/ नॉर्थ गोवा में शनिवार देर रात एक बहुत बड़ा हादसा हो गया यहां एक गैस सिलेंडर फटने से नाइटक्लब में भीषण आग लग गई। यह धमाका रात में लगभग 1 बजे रसोई के पास हुआ। इस घटना में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई जिनमें अधिकतर क्लब के कर्मचारी थे। सात लोग घायल भी हुए हैं जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है क्योंकि उसे 60% से ज्यादा जलन है। मरने वालों में से केवल दो की मौत जलने से हुई जबकि बाकी लोगों की मौत धुएं के कारण सांस घुटने से हुई।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत कहा मृतकों में ज्यादातर रसोई कर्मचारी थे जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मरने वालों में 3-4 पर्यटक भी थे। गोवा पुलिस ने बयान में कहा कि नाइटक्लब बिर्च बाय रोमीओ लेन अरपोरा में आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई है इसमें 4 पर्यटक 14 स्टाफ सदस्य हैं जबकि 7 लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। छह लोग घायल हैं उनका इलाज जारी है। आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच पुलिस और फायर डिपार्टमेंट कर रहे हैं और कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।शुरुआती जांच से पता चला है कि सिलेंडर शायद गैस लीक होने की वजह से फटा। घटना के वक्त कर्मचारी रसोई की सफाई और बंद करने का काम कर रहे थे। वास्तविक कारण का पता फॉरेंसिक जांच से चलेगा। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सैंपल इकट्ठे कर लिए हैं और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए नाइटक्लब को सील कर दिया गया है। क्लब के मालिकों और मैनेजरों से सुरक्षा उपायों के साथ ही आपातकालीन निकास और गैस-सुरक्षा नियमों को लेकर पूछताछ की जा रही है। डीजीपी ने कहा कि गैस कनेक्शन फायर सिस्टम और बचाव व्यवस्था सहित सभी सुरक्षा प्रबंधों की जांच की जाएगी।
मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। घायलों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो पाई है। रेस्क्यू टीम मलबे में तलाश जारी रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और व्यक्ति फंसा न हो। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र के नाइटक्लबों की फायर सेफ़्टी जांच अनिवार्य कर दी गई है। स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने कहा कि सभी शव बरामद कर लिए गए हैं और अब उन क्लबों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे जिनके पास मान्य फायर सेफ़्टी अनुमति नहीं होगी।