गौचर मेले में ऐपण की कलाकृतियों का स्टाल।

न्यूज 13 प्रतिनिधि चमोली
गोचर/ पहाड़ी टोपी की तर्ज पर ऐपण की कलाकृतियां भी रही आकर्षण का केन्द्र। महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बड़ा संसाधन बन सकता है। ऐपण आर्ट।
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गौचर औधोगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले में ऐपण की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रही। मेलार्थियों ने इन कलाकृतियों को हाथों हाथ खरीदा। गौचर मेले में पहली बार देखने को मिली ऐपण की कलाकृतियां पहाड़ी टोपी जैसी प्रसिद्धी पा रही है।ऐपण की कलाएं 26 जनवरी को आयोजित परेड उत्तराखंड की झांकी में भी शामिल किया जा चुका है। स्वयं सहायता समूह हिमालयी कला ऐपण आर्ट गोपेश्वर द्वारा गौचर मेले में स्टाल लगाया गया है।
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क्या है ऐपण कला। ऐपण एक पारम्परिक अनुष्ठानिक लोक कला है। जिसे उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा विशेष अवसरों त्योहारों और अनुष्ठानों में दीवारों व फर्सों पर बनाई जाती है। इस कला में गेरू लाल मिट्टी की पृष्ठभूमि पर चावल के आटे का सफेद पेस्ट से ज्यामितीय और प्रतीकात्मक आकृतियां बनाई जाती है।

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