लालकुआ, रनसाली रेंज में खैर व सागौन के तस्करों के खिलाफ उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी नहीं की जा रही है कारवाही, आखिर किसे बचाने में लगें हैं रनसाली रेंज के अधिकारी।
लालकुआ, रनसाली रेंज में खैर व सागौन के तस्करों के खिलाफ उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी नहीं की जा रही है कारवाही, आखिर किसे बचाने में लगें हैं रनसाली रेंज के अधिकारी।
लालकुआ/ खैर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश के बाद भी लापरवाह बना हुआ है वन विभाग मामले को दबाने में लगे वन विभाग के अधिकारी वन विभाग के मुखिया ने दिए थे जांच के आदेश रनसाली रेंज में वनतस्करों ने काटें थे दो दर्जन से अधिक खैर और सागौन के पेड़ वन गुर्जरों ने किया था मामले का खुलासा।
लालकुआ तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी डिवीजन की रनसाली रेंज के जंगलों से खैर, सागौन की अवैध कटाई रोकने में पूरी तरह से नाकाम हो चुका वन विभाग कार्रवाई के नाम पर भी लापरवाह बना हुआ है। बीते कुछ दिनों पूर्व रनसाली रेंज के जंगल से भारी मात्रा में काटे गए खैर, सागौन पेड़ों के मामले में उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए जांच के आदेश के बाद भी विभागीय जांच कछुवा गति से चल रही है। अगर सीधे तो उक्त प्रकरण को विभागीय अधिकारी दबाने में लगे हुए है।
मामले का खुलासा स्थानीय गुर्जरों द्वारा किया गया जिन्होंने जंगल में तस्करों द्वारा खैर, सागौन के पेड़ों की कटाई को रोकने वन विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। परन्तु 15 दिन से अधिक का वक्त बीत चुका है अभी तक विभागीय जांच भी शुरू नहीं हो पाई है जो क्षेत्र में चर्चा का बिषय बना हुआ है। इधर पर्यावरण मित्रों और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सूबे की धामी सरकारी से उक्त प्रकरण की जल्द से जल्द जांच कराकर मामले में दोषी वन कार्मिकों के खिलाफ ठोस कार्यावाही की मांग की है। सूत्रों की माने तो वन विभाग के अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
जिसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। इधर पर्यावरण मित्रों और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सूबे की धामी सरकारी से उक्त प्रकरण की जल्द से जल्द जांच कराकर मामले में दोषी वन कार्मिकों के खिलाफ ठोस कार्यावाही की मांग की है।
और साथी ही चेतावनी दी है अगर जल्द ही मामले की जांच नही की गई तथा दोषी वन कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो काग्रेंस कार्यकर्ता उग्र आंदोलन को बाध्य होगें जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।