नैनीताल/ पड़ोस के एक युवक पर विश्वास कर उसे घर में आने देना एक परिवार को बहुत भारी पड़ गया युवक ने परिवार की नाबालिग बेटी को अपनी हवस का शिकार बना डाला। और नाबालिग गर्भवती हो गई। हल्द्वानी की पॉक्सो अदालत ने अब इस दुष्कर्मी युवक को 20 साल के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पीड़िता 9वीं कक्षा की छात्रा थी।
जिले के सहायक शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि 8 अप्रैल 2021 को भवाली थाने में एक महिला ने
अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला कि पड़ोस में रहने वाले व किशोरी के घर में मजदूरी करने
वाले युवक ने किशोरी से नजदीकी बढ़ाई थी और एक जनवरी 2021 को आरोपित ने किशोरी के घर में ही उससे
जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। विरोध करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
अप्रैल 2021 में किशोरी की तबीयत बिगड़ी तो उसकी स्वास्थ्य जांच कराई गई। तब पता चला कि वह तीन महीने की गर्भवती है। छात्र ने जब आरोपित को गर्भवती होने की बात बताई तो आरोपित छात्रा को भगा ले गया। उसने छात्रा को नैनीताल में अपनी बहन के घर में रखा। नौ अप्रैल 2021 को पुलिस ने किशोरी को आरोपित की बहन के घर से ढूंढ लिया। साथ ही आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। किशोरी के नाबालिग होने पर न्यायालय के आदेश और परिजनों की सहमति से किशोरी का गर्भपात कराया गया।
भ्रूण की फॉरेंसिक जांच में आरोपित युवक ही उसका जैविक पिता निकला। पूरे मामले में न्यायालय ने फॉरेंसिक रिपोर्ट और सात गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपित को दोषी मानते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो-अपर सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह रावत की न्यायालय ने 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।