देहरादून/ उत्तराखंड वन विभाग में पांच भारतीय वन सेवा आईएफएस अधिकारियों की तैनाती में बदलाव किया गया है। शासन की ओर से जारी तबादला सूची में नरेश कुमार, दीपक कुमार, राहुल मिश्रा, आदित्य रत्न और शिरीन संजय के नाम शामिल हैं। इस फेरबदल के तहत तराई पूर्वी वन प्रभाग, पिथौरागढ़, हल्द्वानी और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व सहित कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
अगस्त में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद लगभग एक महीने के अंदर अधिकारियों की तैनाती में दोबारा बदलाव किया गया है। शासन ने अलग-अलग अधिकारियों के स्थानांतरण के पीछे प्रशासनिक जरूरत जनहित, पारिवारिक परिस्थितियों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कारण बताए हैं।
1- नरेश कुमार को प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी
आईएफएस अधिकारी नरेश कुमार की मुख्य तैनाती अब प्रशासन में की गई है।
उन्हें जायका परियोजना का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे पहले उनके पास जायका परियोजना की मुख्य जिम्मेदारी थी बताई गई वजह के मुताबिक जायका परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है। APCCF का वेतन विभाग से ही जारी हो सके इसे ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
2- दीपक कुमार को तराई पूर्वी से पिथौरागढ़ भेजा
डीएफओ दीपक कुमार को तराई पूर्वी वन प्रभाग से स्थानांतरित कर पिथौरागढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके स्थानांतरण के पीछे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता, प्रशासनिक आवश्यकताओं और उनके कार्य अनुभव को आधार बताया गया है।
3- राहुल मिश्रा संभालेंगे तराई पूर्वी वन प्रभाग
राहुल मिश्रा को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक पद से हटाकर तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी भेजा गया है। अब वह इस वन प्रभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनके स्थानांतरण के पीछे जनहित और विभागीय कार्यों के सुचारू संचालन को वजह बताया गया है।
4- आदित्य रत्न को हल्द्वानी में नई तैनाती
आईएफएस अधिकारी आदित्य रत्न को पिथौरागढ़ से स्थानांतरित कर हल्द्वानी में उपवन संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने पारिवारिक परिस्थितियों के कारण स्थानांतरण का अनुरोध किया था जिसके आधार पर शासन ने उनकी तैनाती बदली।
5- शिरीन संजय बनीं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की उपनिदेशक
शिरीन संजय को राजाजी राष्ट्रीय पार्क के उपनिदेशक पद से हटाकर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का उपनिदेशक बनाया गया है। उनकी नई तैनाती के पीछे कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का महत्व क्षेत्र की संवेदनशीलता वन्यजीव संरक्षण और प्रशासनिक कार्यों के प्रभावी संचालन को प्रमुख आधार बताया गया है।