गरुड़ विकास खंड की नेहा ने प्राप्त की बहुत बड़ी सफलता आईटीबीपी में बनी असिस्टेंट कमांडेंट, पिता है पेशे से ड्राईवर।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि बागेश्वर

बागेश्वर/ जिले के गरुड़ विकास खंड के छोटे से गांव हवील कुलवान की बेटी नेहा कांडपाल ने अपनी मेहनत लगन और मजबूत हौसले के दम पर बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्राम पंचायत हवील कुलवान निवासी नेहा का चयन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार के साथ-साथ पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

सीमित संसाधनों से हासिल किया बड़ा मुकाम

नेहा कांडपाल के पिता नारायण दत्त कांडपाल पेशे से ड्राइवर हैं।

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जबकि माता आशा देवी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली नेहा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। उनकी सफलता ने माता-पिता के साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय से शुरू हुई सफलता की राह

नेहा ने हाईस्कूल की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय सीमार से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राइका सिरकोट से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर गंभीरता दिखाई और लगातार मेहनत करती रहीं।

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आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा बलों में शामिल ITBP में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयन हुआ।

गांव की बेटी की सफलता पर जश्न

नेहा के चयन की खबर मिलते ही हवील कुलवान गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों परिचितों और शुभचिंतकों ने परिवार को बधाई देते हुए नेहा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि नेहा ने अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ ही क्षेत्र के युवाओं के सामने भी सफलता की प्रेरक मिसाल पेश की है।

 छोटे से गांव से देश सेवा के बड़े मुकाम तक

नेहा की सफलता यह साबित करती है कि मंजिल हासिल करने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी मजबूत इरादा निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण है।

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ड्राइवर पिता की बेटी से ITBP की असिस्टेंट कमांडेंट बनने तक का उनका सफर उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे गांवों और सीमित साधनों से बड़े सपने देखते हैं। नेहा ने अपनी उपलब्धि से यह संदेश दिया है कि हौसले बुलंद हों तो गांव की पगडंडी से निकलकर देश सेवा के सर्वोच्च मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

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