देहरादून/ उत्तराखंड में मानसून का प्रभाव लगातार तेज बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बीते 24 घंटे के बीच झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। देहरादून, पौड़ी गढ़वाल सहित कुमाऊं मंडल के कई क्षेत्रों में 50 से 65 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा कालसी में 65 मिमी बारिश दर्ज हुई। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ी हैं जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार 19 अगस्त को देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
वहीं पौड़ी, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
देहरादून और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट, 8 जिलों में मौसम संवेदनशील।
आज राज्य के 8 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट है। देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत तेज़ बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाएं हो सकती हैं। पौड़ी, चंपावत, टिहरी, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी कुछ जगहों पर भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। राज्य के शेष हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज से अति तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
65 मिमी बारिश से कालसी सबसे आगे
बीते 24 घंटे में उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कालसी में सबसे ज्यादा 65 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में भी 50 से 65 मिमी तक बारिश हुई लगातार बारिश का सीधा असर पहाड़ी क्षेत्रों की सड़कों पर देखने को मिल रहा है।
कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है।
124 सड़कें बंद आवाजाही पर पड़ा असर
बारिश और भूस्खलन के चलते राज्य में 124 सड़कें बंद बताई गई हैं। इनमें एक एनएच (बीआरओ) दो स्टेट हाईवे और बड़ी संख्या में ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। सड़कें बंद होने से कई पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में भी चुनौतियां बनी हुई हैं।
नदियों का जलस्तर बढ़ा अलर्ट मोड पर प्रशासन
लगातार बारिश के कारण अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगा और भागीरथी समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई नदियां चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं। ऐसे में नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव के साथ बिजली और पेयजल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
पौड़ी में स्कूल बंद, महरगांव हादसे में तीन की मौत
खराब मौसम और भारी बारिश को देखते हुए पौड़ी गढ़वाल में सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
इसी बीच पौड़ी गढ़वाल के महरगांव में लैंडस्लाइड की चपेट में आने से मकान के साथ चार लोग मलबे में दब गए थे। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति सुरक्षित बच गया। भारी बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं ने खतरे को और बढ़ा दिया है।
देहरादून में आज कैसा रहेगा मौसम
राजधानी देहरादून में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। देहरादून में आज अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
20 अगस्त को चार जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 20 अगस्त को रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर आने की संभावना है।
आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
21 अगस्त को इन जिलों में बारिश का जोर 21 अगस्त को टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम
बारिश हो सकती है।
23 अगस्त तक मानसून रहेगा सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में फिलहाल 23 अगस्त तक मानसून का प्रभाव तेज रहने की संभावना है। इस बीच राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ येलो अलर्ट की चेतावनियां जारी की गई हैं। लगातार बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, मलबा आने और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।