चमोली/ जिले के गैरसैंण विकासखंड की आदिबदरी के बूंगा गांव से बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां 51 वर्षीय सुरेशी देवी की जंगल में लगी भीषण आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक सुरेशी देवी रोज की तरह अपनी गौशाला की ओर जा रही थीं। इसी बीच जंगल में भड़की आग तेजी से फैलते हुए उनकी गौशाला तक पहुंच गई और वह उसकी चपेट में आ गईं। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सुरेशी देवी गांव की एक सरल मेहनती और मिलनसार महिला थीं। जिस दौर में पहाड़ों से लगातार पलायन हो रहा है उस दौर में भी उन्होंने अपने गांव और अपनी जमीन से जुड़कर जीवन बिताना उचित समझा। गांव के हर सुख-दुख में साथ खड़ी रहने वाली सुरेशी देवी को पूरा गांव सम्मान और अपनापन देता था। उनकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड के लिए एक बड़ी चेतावनी है। हर साल जंगलों में लगने वाली आग पहाड़ की हरियाली, वन्यजीवों और इंसानी जिंदगियों को निगल रही है। बावजूद इसके स्थायी समाधान और ठोस रोकथाम के दावे अब भी धरातल पर नजर नहीं आते। एसे में कब तक पहाड़ की माताएं, बहनें और ग्रामीण इस लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे?