नैनीताल/ लोहाघाट विधानसभा सीट से कांग्रेस के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों को सुनने के बाद विपक्षी पक्ष को 12 मई को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 मई की तिथि तय की है। इसी के दौरान विपक्षी प्रत्याशी पूरन सिंह फर्त्याल की ओर से दलील दी गई कि चुनाव याचिका में कई तकनीकी कमियां हैं जिसके चलते यह सुनवाई योग्य नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए।
वहीं याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि नामांकन प्रक्रिया और शपथ पत्र में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं जो चुनाव को निरस्त करने के आधार बनते हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने नामांकन पत्र के साथ अनिवार्य रूप से दाखिल किए जाने वाले शपथ पत्र को नियमानुसार प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने 24 जनवरी 2022 को नामांकन किया जबकि शपथ पत्र 28 जनवरी को दाखिल किया गया। इसके अलावा शपथ पत्र में संपत्ति और आय से जुड़ी जानकारियां भी कथित तौर पर गलत दी गईं।
याचिका में यह भी कहा गया है कि नामांकन के वक्त उनके पास लगभग 25 सरकारी ठेके चल रहे थे जिनका खुलासा नहीं किया गया। उत्तराखंड: इतना ही नहीं चुनाव जीतने के बाद भी उन्होंने दो सरकारी ठेके लिए जो नियमों का उल्लंघन है। इन सभी आधारों पर याचिकाकर्ता ने उनकी विधायिका निरस्त करने की मांग की है। फिलहाल हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनते हुए मामले को विचाराधीन रखा है। अब 12 मई को विपक्षी पक्ष की दलीलों के बाद इस मामले में आगे की दिशा तय की जाएगी।