चम्पावत/ गुरुवार दोपहर चम्पावत जिले के बाराकोट विकास खंड के बिसराड़ी गांव में हुई मूसलाधार बारिश ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरे गांव में हड़कंप मच गया । हालात इतने भयावह हो गए कि ग्रामीणों ने इसे बादल फटने जैसी स्थिति बताया। अचानक उफान पर आए गधेरे ने गांव में जबरदस्त तबाही मचा दी ।
उफान से आए मलबे में दबे तीन वाहन बाल-बाल बचे लोग
तेज बारिश के चलते गधेरे का जलस्तर जबरदस्त बढ़ गया जिससे सड़क किनारे खड़ी दीवान नाथ, निर्मल नाथ और खटीमा से आए तेजू गोस्वामी की गाड़ियां मलबे में दब गईं ।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना बड़ा नुकसान हो सकता था ।
खड़ी फसल से लेकर फलों तक सब कुछ हुआ तबाह
बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गांव में खड़ी फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं। आम और लीची के फलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेत-खलिहान मलबे से पट गए हैं जिससे ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फिर गया
रिहायशी इमारतको नुकसान सड़क पूरी तरह बंद
ग्राम प्रधान निर्मल नाथ के मुताबिक भारी बारिश से कुछ मकानों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
वहीं बिसराड़ी को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह बंद हो गई है जिससे आवागमन ठप हो गया है।
ग्रामीणों के पॉलीहाउस हुए तबाह
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए पॉलीहाउस भी इस आपदा की भेंट चढ़ गए । अचानक आई इस आपदा से गांव में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि बारिश इतनी तेज थी कि कुछ समझ ही नहीं आया ।
प्रशासन से मुआवजे की मांग
ग्राम प्रधान निर्मल नाथ और पूर्व जेस्ट प्रमुख नंदा बल्लभ बगौली ने प्रशासन को घटना की सूचना दी है।
उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभावित ग्रामीणों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है। हालांकि नुकसान काफी बड़ा हुआ है लेकिन राहत की बात यह रही कि इस आपदा में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीण इसे भगवान की कृपा मान रहे हैं।