रुद्रप्रयाग के गुप्तकाशी में पेड़ पर लटकती रही ज़िन्दगी, पेड़ पर पशुओं के लिए चारा काट रही महिला की बिजली की हाई टेंशन लाईन की चपेट में आने से हुई मौत।
रुद्रप्रयाग के गुप्तकाशी में पेड़ पर लटकती रही ज़िन्दगी, पेड़ पर पशुओं के लिए चारा काट रही महिला की बिजली की हाई टेंशन लाईन की चपेट में आने से हुई मौत।
रुद्रप्रयाग/ जिले के गुप्तकाशी नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले वार्ड नाला क्षेत्र में बिजली के झटके से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना तब घटी जब वह एक पेड़ पर चढ़कर पशुओं के लिए पत्तियां काट रही थी।अचानक वह विद्युत प्रवाह की जद में आ गई।
इस दुर्घटना से पीड़िता के परिवारजन गम में डूबे हुए हैं।
पेड़ से पत्तियां काटते वक्त हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुप्तकाशी में आर्यन हेलीपैड के समीप महिला एक पेड़ पर चढ़ी हुई थी और पशु चारे के लिए पत्तियां काट रही थी। इसी बीच पेड़ की एक शाखा निकट से गुजर रही हाई वोल्टेज वाली लाइन से सट गई। परिणामस्वरूप बिजली का झटका लगने से वह बेहोश होकर पेड़ पर ही लटक गई। इससे आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। और महिला को विद्युत आपूर्ति रोककर नीचे उतारा गया शव तुरंत इसकी जानकारी पुलिस और बिजली विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही गुप्तकाशी बिजली विभाग की टीम पुलिस,एसडीआरएफ तथा 108 एम्बलेंस सेवा के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। वहां बिजली की सप्लाई बंद करके महिला को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा गया और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बिजली के झटके से हुई मौत
बिनीता देवी पति कुशलानंद तिवारी निवासी-नाला गुप्तकाशी रुद्रप्रयाग
पुलिस द्वारा की गई वैधानिक प्रक्रिया शुरू
पुलिस इस मामले में आवश्यक कानूनी कदम उठा रही है। इस घटना से स्थानीय निवासी काफी व्यथित हैं। उन्होंने इसे दिल दहला देने वाली दुर्घटना करार दिया है। जहां महिला की मृत्यु से परिवारजन आंसू बहा रहे हैं वहीं पूरा क्षेत्र शोकाकुल है।
दुसरी ओर अल्मोड़ा में बिजली कर्मी की भी हुई थी दर्दनाक मौत एक दिन पहले अल्मोड़ा के जागेश्वर क्षेत्र के कोटूली गांव में बिजली विभाग की बड़ी चूक के कारण एक लाइनमैन की जान चली गई थी।
विभाग में कार्यरत पूरन सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी काना बिजली के झटके की चपेट में आकर मारे गए थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोटूली गांव में बिजली लाइन में आग लगने की खबर मिली थी। इस समस्या को दूर करने के लिए पूरन सिंह गए थे। सूत्रों के मुताबिक लाइन पर कार्य के वक्त उन्हें बिजली बंद करने की अनुमति दी गई थी परन्तु इसी बीच तोली पावर हाउस से किसी अन्य कर्मचारी ने बिना जांच-पड़ताल के बिजली चालू कर दी। इससे पूरन सिंह विद्युत प्रवाह की जद में आ गए और उनकी दर्दनाक मौत हो गई।