भिकियासैण/ बीते रविवार को एक नवजात बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हो गया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में मुख्य द्वार पर सांकेतिक तालाबंदी कर दी और डॉक्टरों व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। मामले को बढ़ता देख उपजिलाधिकारी याक्षी अरोड़ा ने फौरन मौके पर पहुंचकर मामले को नियंत्रण में लिया और परिजनों को जांच भरोसा दिलाया।
भिकियासैण के वार्ड नंबर एक बाडीकोट निवासी उमा देवी उम्र 33 वर्ष पत्नी कुबेर सिंह को प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंचाया गया। सुबह 8 बजे उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया जिसके बाद नवजात की तबियत बिगड़ने लगी और बच्चे को हायर सेंटर रेफेर किया गया। हायर सेंटर ले जाते वक्त 6 किलोमीटर आगे जाते ही बच्चे की मौत हो गयी और परिजन बच्चे को वापस भिकियासैण ले आए। मामले की जानकारी लोगों को लगते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में जमा हो गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार को सांकेतिक रूप से बंद कर दिया।
लोगों का कहना था की अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है जिस कारण ऐसी घटनाए होती है। लोगों ने कहा की पिछले दिनों आंदोलन भी किया गया परन्तु प्रशासन अपने वादे पर खरा नहीं उतरा। घटना को बढ़ता देख उपजिलाधिकारी यक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंची और परिजनों को मामले की जांच करके कार्यवाई का भरोसा दिलाया।