गैरसैंण, वाहरे उत्तराखंड सरकार>>> बड़े अधिकारियों व नेताओं के लिए पांच सितारा इंतजाम महिला कार्मिक सड़क पर व गाड़ियों में रात गुजारने को मजबूर।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

गैरसैंण/ उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हो रहे विधानसभा सत्र ने एक बार फिर सरकार की दोहरी व्यवस्था को सबके सामने उजागर कर दिया है। जहां बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि आलीशान कक्षों और तमाम सुख-सुविधाओं का आनंद ले रहे हैं वहीं दुसरी ओर सचिवालय सेवा संवर्ग के नोडल अधिकारी जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं वे रुकने की जगह तक से वंचित हैं। पूर्व अध्यक्ष सचिवालय संघ दीपक जोशी ने इस स्थिति को शर्मनाक और अमानवीय करार दिया।

यह भी पढ़ें 👉 भ्रष्टाचारी डीएफओ भार्गव पर उत्तराखंड सरकार चुप अब केन्द्र सरकार ने भ्रष्टाचारी पर किया कड़ा रुख अख्तियार।

उनका कहना है कि सचिवालय प्रशासन और विधानसभा सचिवालय ने अधिकारियों के लिए कक्षों की व्यवस्था कराने के बजाय उन्हें जिला प्रशासन के हवाले करके भेड़-बकरियों की तरह छोड़ दिया।जोशी ने सवाल उठाया कि आखिर बड़े अधिकारियों और नेताओं के लिए पांच सितारा स्तर की सुविधाएं क्यों जुटाई जाती हैं।

यह भी पढ़ें 👉 तीन साल से विधानसभा पटल पर नहीं आई प्रदेश की आडिट रिपोर्ट, किस विभाग में क्या हो रही गडबड़ी, किसी को खबर नहीं।

जबकि सचिवालय के नोडल अधिकारी सड़क किनारे या वाहनों में रात गुजारने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल अधिकारियों की गरिमा के खिलाफ है बल्कि शासन की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है।

यह भी पढ़ें 👉 नैनीताल जिलापंचायत सदस्यों के मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, एसएसपी नैनीताल पर सख्त हुआ हाईकोर्ट, पांचों जिलापंचायत सदस्यों को सुनने से किया इंकार कहा पहले ही गुमराह कर चुके हैं कोर्ट को।

उन्होंने मुख्य सचिव सचिव सचिवालय प्रशासन और सचिव विधानसभा से मांग की है कि इस दोहरे मापदंड पर तुरंत संज्ञान लें और निचले अधिकारियों के लिए भी सम्मानजनक आवास व्यवस्था सुनिश्चित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *