विवादों में घिरे बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष का सदस्यों को धमकाने का ऑडियो हुआ लीक।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि देहरादून

 देहरादून/ पिछले लंबे वक्त से विवादों में चल रही बद्री केदार मंदिर समिति एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का विवाद इस समय समिति के सदस्यों और अध्यक्ष के बीच तमाम मुद्दों को लेकर हुई तकरार का है। बोर्ड मीटिंग में सदस्य कितने आक्रामक है और अध्यक्ष किस ढंग से सदस्यों को धमकाने पर आमादा है। इस पूरे प्रकरण का एक ऑडियो लीक हुआ है। 12 जुलाई को हुई बोर्ड मीटिंग में सदस्यों व अध्यक्ष के बीच हुई तीखी तकरार का ऑडियो लीक हुआ है। समिति के भीतर कोई भी महत्वपूर्ण फैसला समिति की बोर्ड बैठक में ही लिया जाता है। यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है।

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मौजूदा समिति में कुल 11 सदस्य, एक उपाध्यक्ष और एक अध्यक्ष हैं। बोर्ड मीटिंग में बिना सदस्यों की सहमति के कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता है। बीते कुछ समय से केदारनाथ के गर्भ गृह में लगे सोना पीतल वाले मामले से लेकर तमाम पैंसे उड़ाने जैसे मुद्दों पर मंदिर समिति विवादों के घेरे में आई थी। अब इन तमाम सवालों को लेकर समिति के सदस्यों ने ही समिति के अध्यक्ष के खिलाफ बोर्ड मीटिंग में मोर्चा खोला है। बोर्ड मीटिंग में सदस्यों के द्वारा जिन विषयों पर चर्चा की गई थी उसके उलट समिति के अध्यक्ष ने अपने मनमानी ढंग से प्रस्ताव को लिखवाएं है। मंदिर समिति के सदस्यों ने द्वारा लिखित शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी गई है।

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बोर्ड मीटिंग में समिति के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर से बनाया हुआ आरोप पत्र मुख्यमंत्री को भेजा गया है। ऑडियो से प्रतीत हो रहा है कि आखिर केदारनाथ के गर्भ गृह में बिना समिति के प्रस्ताव पारित हुए लगे सोने को लेकर बोर्ड सदस्य भी सवाल उठा रहे हैं। और सोना पीतल हो गया वाला मुद्दा गरमाया हुआ है। बोर्ड मीटिंग में ही समिति के अध्यक्ष द्वारा अपने अंदाज में सदस्यों को धमकाया जा रहा है। मीडिया द्वारा वायरल ऑडियो की पुष्टि के लिए जब समिति के सदस्यों से संपर्क किया तो श्रीनिवास पोस्ती व पुष्कर जोशी ने 12 जुलाई को हुए इस पूरे प्रकरण की पुष्टि की है। समिति के दोनों सदस्यों ने यह भी बताया समिति के सभी सदस्यों द्वारा तमाम गड़बड़ी की एसआईटी जांच को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

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सूत्रों के हवाले से खबर है कि 5 सितंबर से शुरू होने वाले उत्तराखंड के विधानसभा सत्र में भी यह मामला विपक्ष के द्वारा गरमाने के आसार हैं। इस संबंध में सदस्यों से बातचीत के बाद मीडिया द्वारा मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय से संपर्क साधने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया तो फिर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी योगेंद्र सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने इस बात को कबूल किया कि 12 जुलाई को संपन्न हुई बोर्ड बैठक में माननीय सदस्यों के द्वारा कई मामले उठाए गए थे। हालांकि सोना पीतल मामले में पर्यटन धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने जांच का ऐलान किया था लेकिन मंदिर समिति के सीईओ योगेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें इस प्रकार के जांच का अभी तक शासन या किसी भी स्तर से कोई भी आदेश नहीं मिला है।

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