रूद्रप्रयाग/देशभर में स्थानीय उत्पादों और व्यवसायियों को काफी बढ़-चढ़कर प्रचारित किया जा रहा है ओर इसमें उत्तराखंड राज्य भी पीछे नहीं है। यहां पर अब लोग स्वरोजगार अपनाने लगे हैं और लोगों के बीच स्थानीय उत्पादों की डिमांड भी काफी तेजी से बढ़ रही है जिससे लोगों के अंदर आत्मनिर्भर बनने का एक संकल्प जाग उठा है।
आत्मनिर्भर बनने के इस संकल्प में उत्तराखंड के ग्रामीण इलाके काफी आगे हैं जहां पर लोग नए स्थानीय उत्पादों का व्यवसाय करके अपनी जीविका चला रहे हैं साथ ही सरकार भी इन परियोजनाओं को जिला प्रशासन के साथ मिलकर काफी सहयोग कर रही है ऐसा ही एक उदाहरण रुद्रप्रयाग जिले का है जहां पर स्थानीय उत्पादों का केदारनाथ धाम में मांग बढ़ती जा रही है।
श्रद्धालु स्थानीय उत्पादों को देख कर काफी प्रोत्साहन दे रहे है तो वही पहाड़ी टोपी, मोबाइल बैग, पंचकेदार की हैंगर की डिमांड बढ़ती जा रही है बता दें कि हिलांस के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे मांडवा गेहूँ, जौ,तिल और अन्य प्रकार के स्थानीय अनाज का ही उपयोग किया जाता है जिसमें की कोई मिलावट नहीं होती है साथ ही अच्छी मार्केटिंग और बढ़िया पैकिंग के साथ ये प्रॉडक्ट हिलांस ब्रांड के नाम से मशहूर हो रहे हैं और बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं।