देवप्रयाग/ सीएचसी हिंडोलाखाल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण 21 वर्षीय गर्भवती महिला को श्रीनगर रेफर किया गया जिसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी जनाक्रोश है इसके साथ ही कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
देवप्रयाग/ उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली स्थिति एक बार फिर एक मासूम जान पर भारी पड़ गई देवप्रयाग विधानसभा के सीएचसी हिंडोलाखाल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण 21 वर्षीय गर्भवती महिला आरती देवी को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। श्रीनगर बेस अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु ने दम तोड़ दिया।
नंदोली पौड़ीखाल निवासी सुनील कुमार की पत्नी आरती को शनिवार सुबह रक्तचाप बढ़ने और बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था जिसके चलते उसे फौरन श्रीनगर रेफर कर दिया गया। परन्तु नियति को कुछ और ही मंजूर था अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसे थम गई।