उत्तराखंड में एक और भ्रष्टाचारी जेई को विजिलेंस ने 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा, वीडियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

न्यूज 13 प्रतिनिधि उधमसिहनगर

ऊधम सिंह नगर/ उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) का अभियान जारी है। इसी क्रम में सोमवार को विजिलेंस सेक्टर हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत कार्यालय में तैनात कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी को कुंडा (काशीपुर) क्षेत्र में शिकायतकर्ता से घूस लेते वक्त दबोचा गया। मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीडीओ) दीपक सागर के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता जसपुर क्षेत्र का एक पंजीकृत ठेकेदार है जिसने विकास खंड जसपुर में वाटर कूलर लगाने का कार्य किया था। कार्य पूरा होने के बाद भुगतान के लिए जब उसने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया तो कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार ने बिल पास कराने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने भी 12 हजार रुपये की अतिरिक्त घूस मांगी। ठेकेदार रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने पूरे मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने प्राथमिक जांच कराई जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

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इसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। सोमवार को पूर्व नियोजित योजना के तहत टीम ने कुंडा (काशीपुर) में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी जेई विवेक कुमार ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सतर्कता अधिष्ठान ने स्पष्ट किया है कि मामले में नामजद दूसरे आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के विरुद्ध भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत विवेचना जारी है।
सफल ट्रैप कार्रवाई पर सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने विजिलेंस टीम की सराहना करते हुए ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी सूचना तत्काल सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

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