देहरादून/ उत्तराखंड में आईटीआई भवनों के निर्माण से जुड़े करीब 130 करोड़ रुपये के घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। यूपी राजकीय निर्माण निगम के तीन सेवानिवृत्त अफसरों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। आईजी गढ़वाल रेंज कार्यालय की एसआईटी ने नेहरू कॉलोनी थाने में पिछले साल फरवरी में दर्ज छह मुकदमों में से पांच की जांच पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की है। मामले में यूपी निर्माण निगम के अपर परियोजना प्रबंधक सुनील मलिक ने एक साथ छह मुकदमे दर्ज कराए थे। आरोप है कि 2018 से पहले उत्तराखंड में 15 आईटीआई भवनों के निर्माण के लिए 1517.50 लाख रुपये जारी किए गए थे। इनमें से नौ भवनों का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन कमशत, बसुकेदार, चिरबटिया, बड़ावे, थल, गंगोलीहाट और कठपुड़ियाछीना में जमीन ही नहीं मिल पाई।
जांच में सामने आया कि इन स्थानों के लिए जारी रकम को आईयूटी के माध्यम से दूसरे विभागों के कामों पर खर्च कर दिया गया। हिसाब मांगने के बावजूद अफसरों ने राशि वापस जमा नहीं कराई। यूपी निर्माण निगम की आंतरिक जांच में तत्कालीन परियोजना प्रबंधक शिव आसरे शर्मा, प्रदीप कुमार शर्मा और सहायक लेखाधिकारी स्तर-2 (सेवानिवृत्त) वीरेंद्र कुमार रवि को नुकसान और गबन का जिम्मेदार पाया गया। इसी आधार पर तीनों पर छह मुकदमे दर्ज हुए। अब धारा 409 और 120बी के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है। आईजी गढ़वाल रेंज राजीव स्वरूप ने बताया कि इस घपले के पांच मुकदमों में चार्जशीट कोर्ट में भेज दी गई है। एक प्रकरण में अभी जांच जारी है और जल्द ही कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।