चमोली, शिक्षक दिवस के दिन भी स्कूल में नही पहुंचे शिक्षक बच्चों और अभिभावकों ने अध्यापकों की गैरमौजूदगी में मनाया शिक्षक दिवस।

न्यूज 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

चमोली/ चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकास खंड के राजकीय जूनियर हाईस्कूल भलागांव में उस वक्त बच्चों और अभिभावकों को मायूसी हाथ लगी जब बच्चे और अभिभावक शिक्षक दिवस मनाने के लिए विद्यालय पहुंचे परन्तु वहां कोई शिक्षक मौजूद ही नहीं था। शिक्षक दिवस मनाने के लिए उत्साह के साथ स्कूल पहुंचे बच्चों और अभिभावकों ने शिक्षकों की गैरमौजूदगी में ही शिक्षक दिवस मनाया और निराश होकर वापस लौट आए।

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अभिभावकों के मुताबिक शिक्षक दिवस को लेकर बच्चों और अभिभावकों में काफी उत्साह था। बच्चों ने अपने शिक्षकों को बधाई देने और शिक्षक दिवस मनाने के लिए पहले से तैयारियां की थीं। अभिभावक भी बच्चों के साथ शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देने विद्यालय पहुंचे थे लेकिन दोनों शिक्षकों के विद्यालय में नहीं पहुंचने से बच्चों की सारी तैयारियां धरी रह गईं। कक्षा छह की छात्रा गुंजन भट्ट ने बताया कि विद्यालय में कभी एक तो कभी दूसरा शिक्षक आता है। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि कई बच्चों को अपने पाठ्यक्रम के विषयों को लेकर भी पूरी जानकारी नहीं है।

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शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने पर अभिभावकों और महिला मंगल दल की महिलाओं में भी रोष है। महिला मंगल दल की अध्यक्ष अंजना भट्ट ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। शिक्षकों की मनमानी और निगरानी व्यवस्था की कमी का खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस दिन बच्चों और अभिभावकों में शिक्षक दिवस को लेकर उत्साह था उसी दिन शिक्षकों का विद्यालय में नहीं पहुंचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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अभिभावक लज्जू देवी, रौशनी देवी, गुड्डी देवी, पुष्पा देवी, सुमन देवी, रीता देवी और अंजना देवी ने कहा कि ग्रामीण बच्चों के लिए सरकारी विद्यालय ही शिक्षा का प्रमुख माध्यम हैं। यदि विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से नहीं आएंगे तो बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ेगा। मामले को लेकर अभिभावकों की ओर से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है। अभिभावकों ने विभाग से विद्यालय की स्थिति की जांच करके जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। शिक्षक दिवस पर सामने आई यह तस्वीर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और विभागीय मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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