थराली/ राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज थराली का भवन जो पिछले वर्ष 12 सितंबर 2023 को क्षतिग्रस्त हुआ था वह आज भी जब की तस स्थिति में है न तो यहां से मलवा हटाया गया है न भवन की मरम्मत या पुराने भवन को तोड़ कर नए भवन बनाने के लिए अभी तक लोक निर्माण विभाग से टेक्निकल टीम की रिपोर्ट आई है।
राजकीय आदर्श इंटर कालेज थराली के प्रधानाचार्य महिपाल सिंह फर्स्वाण का कहना हैं जब पिछले साल सितंबर महीने में राजकीय आदर्श इंटर कालेज थराली का भवन क्षतिग्रस्त हुआ था उस वक्त प्रशासन की टीम से उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और लोक निर्माण विभाग की टीम भी पहुंची थी और उसी वक्त एक टेक्निकल टीम भी गठित की गई थी और एक सप्ताह के अंदर टेक्निकल टीम द्वारा विभाग को रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया गया था लेकिन आज एक वर्ष बितने के बाद भी आज तक इस सम्बन्ध में कार्यवाही नहीं हो पाई है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों ने दो बार
भवन का सर्वे कर लिया हैं और फ्रेब्रिकेटेड कमरों के मेजरमेंट के लिए यहां पर सिंचाई विभाग की
टीम भी पहुंची थी भूगर्भ विभाग की टीम की रिपोर्ट के मुताबिक यह भूमि मजबूत और स्थिर हैं।
जब विद्यालय का भवन क्षतिग्रस्त हुआ था तो उसके कुछ वक्त बाद थराली के विधायक भूपाल राम टम्टा के द्वारा एक महीने के अंदर यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए फैब्रिकेटेड रूम और इस स्थान से मलवा निस्तारण का आश्वासन भी दिया गया था परन्तु लगभग 10 महीने बीत जाने के बावजूद आज तक भी इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
जिस कारण लैब और अन्य बाहर के कमरों में पढ़ाई चल रही हैं लगातार छात्र संख्या बढ़ने के कारण छात्रों को बैठने में भी परेशानी हो रही हैं और शिक्षा व्यवस्था बाधित हो रही हैं हर बार इस विद्यालय के छात्र मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त
करते हैं और एक छात्र का चयन आईआईटी में भी हुआ हैं परन्तु दोबारा बरसात शुरू हो चुकी है जिस कारण विद्यालय में खतरा बना हुआ हैं। अभिभावक संघ के उपाध्यक्ष रमेश जोशी का कहना है।
लगातार लोक निर्माण विभाग के अधिकारीयों से इस सम्बन्ध में वार्ता करने के बावजूद भी आज तक टेक्निकल टीम ने रिपोर्ट नहीं भेजी है हर वक्त अलग-अलग अधिकारियों जेई और एई को यह कार्य सौंपा जाता हैं जिस कारण ना मलवा हटाया गया है और ना ही अभी तक नए भवन या इस भवन की मरम्मत के सम्बन्ध में कुछ कार्य हो पाया हैं क्योंकि जब तक टेक्निकल टीम की रिपोर्ट नहीं आ जाती हैं तब तक कुछ नहीं हो सकता हैं।