देहरादून/ उत्तराखंड की महिलाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर बड़ी राहत की खबर है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में 3,211 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। विभाग की ओर से भर्ती की विज्ञप्ति जारी कर दी गई है जबकि सभी रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इससे हजारों महिलाओं को सरकारी व्यवस्था से जुड़कर रोजगार पाने का मौका मिलेगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बीच स्पष्ट निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी न हो और इसे तय वक्त में पूरा किया जाए।
438 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 2,773 सहायिकाओं के पदों पर होगी भर्ती
विभाग के मुताबिक राज्य में 438 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा 2,773 आंगनबाड़ी सहायिकाओं सहित कुल 3,211 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है और चयन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ तेजी से संपन्न कराई जाए ताकि खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्तियां हो सकें।
अगस्त तक रिक्त पद भरने का लक्ष्य
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में लंबे वक्त से खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। उन्होंने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि अगस्त के अंत तक अधिकतम रिक्त पदों पर नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं जिससे केंद्रों का संचालन और बेहतर हो पाए तथा महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें।
रोजगार के साथ सेवाएं भी होंगी मजबूत
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इन भर्तियों से केवल महिलाओं को रोजगार ही नहीं मिलेगा बल्कि राज्य की आंगनबाड़ी सेवाएं भी मजबूत होंगी।
रिक्त पद भरने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच पाएगा।
हर महीने बच्चों का वजन मापने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों का हर महीने वजन अनिवार्य रूप से किया जाए। इससे कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की वक्त पर पहचान कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की पोषण योजनाओं का लाभ दिया जा सकेगा। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
एफआरएस ट्रैकर में पोषाहार वितरण का डेटा अनिवार्य
मंत्री ने फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम के माध्यम से वितरित होने वाले पोषाहार की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पोषाहार वितरण का पूरा विवरण एफआरएस ट्रैकर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए।
इससे विभाग का रिकॉर्ड बेहतर रहेगा और केंद्र सरकार से योजनाओं के लिए समुचित बजट मिलने में मदद मिलेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति पर भी सख्ती
भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के चलते कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चुनावी ड्यूटी लगी हुई है। इसे देखते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि कार्यकर्ता अपने विभागीय दायित्वों की भी अनदेखी न करें और प्रत्येक कार्य दिवस में कम से कम एक घंटे तक आंगनबाड़ी केंद्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर विभागीय कार्य संपादित करें।
एक महीने में बने सभी बच्चों के आधार और आभा आईडी
मंत्री रेखा आर्या ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों के आधार कार्ड और आभा आईडी एक महीने में बनवाना सुनिश्चित करें।
साथ ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कर केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक के अंत में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभहर पात्र लाभार्थी तक वक्त पर पहुंचे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या हीला-हवाली पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।