राजनीति बूढ़ा नहीं होने देती, चर्चाएं इस्तीफे की लेकिन सड़क पर सक्रिय दिखे हरदा, शहीद स्मारक परा लगाया झाड़ू, जगह-जगह हुआ स्वागत।

न्यूज 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ उत्तराखंड की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत एक बार फिर सड़क पर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उनके कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से हटने की इच्छा और इसे लेकर उठी इस्तीफे की चर्चाओं के बाद रविवार 20 सितंबर को उनका रामपुर तिराहा से देहरादून तक का कार्यक्रम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दिल्ली से उत्तराखंड के लिए रवाना होने से पहले हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी रेणुका रावत और परिवार के स्नेह का उल्लेख करते हुए लिखा कि वह उत्तराखंड के लिए प्रस्थान कर चुके हैं और जल्द देवभूमि की धरती तथा अपने लोगों के बीच पहुंचेंगे। इसके बाद हरीश रावत मुजफ्फरनगर स्थित रामपुर तिराहा शहीद स्मारक पहुंचे। जहां उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करके नमन किया।

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रावत ने अपने संदेश में कहा कि शहीदों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता और उनके सपनों का उत्तराखंड बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

शहीदों को नमन के साथ स्मारक में सफाई

रामपुर तिराहा में हरीश रावत केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहे। वहां उन्होंने शहीद स्मारक परिसर में स्वयं सफाई की। इस दृश्य ने उनके आज के कार्यक्रम में एक अलग तस्वीर जोड़ दी एक ओर राज्य आंदोलन के शहीदों को नमन और दूसरी ओर स्मारक की स्वच्छता में स्वयं हाथ बंटाना। रामपुर तिराहा उत्तराखंड राज्य आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है।

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हरीश रावत ने इसे संघर्ष त्याग और बलिदान की याद दिलाने वाला स्थान बताते हुए शहीदों की स्मृति और उनके सपनों को जीवंत रखने को सामूहिक दायित्व बताया।

नारसन से आगे बढ़ा काफिला रास्ते में स्वागत

रामपुर तिराहा के बाद हरीश रावत नारसन बॉर्डर पहुंचे और वहां से उनका काफिला हरिद्वार होते हुए देहरादून की ओर आगे बढ़ा। रावत की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार मंगलौर, रुड़की, बेलड़ा, हरिद्वार, डोईवाला और लच्छीवाला सहित कई पड़ाव निर्धारित हैं। शाम को देहरादून के कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर भी श्रद्धांजलि का कार्यक्रम है।
यात्रा के दौरान सामने आ रहे वीडियो में अलग-अलग स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता उनका स्वागत करते और हरीश रावत जिंदाबाद के नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं। ये दृश्य समर्थकों की सक्रियता दिखाते हैं हालांकि इनसे अपने-आप व्यापक मतदाता रुझान का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

कुछ दिन पहले सवाल था क्या पद छोड़ रहे हैं हरीश रावत?

आज की राजनीतिक सक्रियता इसलिए भी ध्यान खींच रही है क्योंकि 12 सितंबर को हरीश रावत को लेकर कांग्रेस के पदों से इस्तीफे की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद रावत ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है। उनका कहना था कि यदि हालिया ईडी प्रकरण से कांग्रेस की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई प्रभावित होती है तो वे प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी और कार्यसमिति में स्थायी आमंत्रित सदस्य जैसे संगठनात्मक दायित्वों से हटना चाहेंगे।

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रावत ने कांग्रेस से अलग होने की अटकलों को खारिज करते हुए पार्टी के साथ अपने पुराने और गहरे संबंध पर जोर दिया था। यानी जिस नेता के राजनीतिक भविष्य और संगठनात भूमिका को लेकर महज कुछ दिन पहले सवाल उठ रहे थे वही हरीश रावत आज फिर कार्यकर्ताओं के बीच और सड़क पर दिखाई दे रहे हैं।

राजनीति बूढ़ा नहीं होने देती?

हरीश रावत लंबे वक्त से उत्तराखंड कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और सांसद तक अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके रावत की राजनीति की एक खासियत लगातार जनसंपर्क भी रही है। 20 सितंबर की यात्रा को भी इसी राजनीतिक शैली के संदर्भ में देखा जा सकता है शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि स्वयं सफाई धार्मिक-सांस्कृतिक पड़ाव और रास्ते में कार्यकर्ताओं से मुलाकात।

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शायद राजनीति उम्र से ज्यादा सक्रियता से पहचानी जाती है और हरीश रावत की आज की तस्वीर इसी बात को फिर चर्चा में ले आई है।

क्या 2027 से पहले फिर बढ़ेगी हरदा की राजनीतिक सक्रियता ?

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों की संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो रही हालिया इस्तीफा विवाद के बीच भी रावत की भूमिका और आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा सामने आई थी। ऐसे में रामपुर तिराहा से देहरादून तक हरीश रावत की आज की यात्रा को उनके समर्थक सक्रिय राजनीति में निरंतर मौजूदगी के तौर पर देख सकते हैं। दूसरी ओर 2027 में कांग्रेस के भीतर उनकी औपचारिक भूमिका क्या होगी इसका कोई घोषित निर्णय अभी सामने नहीं है। परन्तु इतना जरूर है संन्यास और इस्तीफे की चर्चाओं के बीच हरीश रावत फिलहाल मैदान से बाहर नहीं बल्कि सड़क पर दिखाई दे रहे हैं।

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