रामनगर/ रामनगर के नजदीक कुनखेत गांव में एक महिला की बहादुरी ने उसकी सास की जान बचा ली। घास काटने के दौरान बाघ ने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया लेकिन बहू ने बिना अपनी जान की परवाह किए दरांती लेकर बाघ का सामना किया। बहू के साहस के आगे बाघ को पीछे हटना पड़ा और वह जंगल की ओर लौट गया।
रामनगर के कुनखेत गांव के पास एक होटल के समीप बसंती देवी अपनी बहू मोहिनी देवी के साथ मवेशियों के लिए घास काटने गई थीं। बसंती देवी घास काट रही थीं जबकि मोहिनी घास इकट्ठा कर रही थीं। इसी बीच झाड़ियों से अचानक एक बाघ निकला और बसंती देवी पर हमला कर दिया। पहले मोहिनी ने शोर मचाकर बाघ को भगाने की कोशिश की लेकिन जब बाघ नहीं हटा और सास की जान खतरे में पड़ गई तो उसने हाथ में मौजूद हंसिया से बाघ पर लगातार वार कर दिए। बहू के साहसिक प्रतिरोध से बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बसंती देवी को रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
विभाग ने इलाके में वनकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जल्द ही कैमरा ट्रैप लगाने की बात कही है। साथ ही ग्रामीणों से जंगल के आसपास सतर्कता बरतने की अपील की गई है। कुनखेत की इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। वहीं अपनी सास की जान बचाने के लिए मोहिनी देवी द्वारा दिखाई गई बहादुरी की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।