जानिए नए लेबर कोड के लागू होने पर क्या-क्या नियम बदल जाएंगे 7 तारीख तक सैलरी देना होगा अनिवार्य नौकरी छोड़ने पर 2 दिन में करना होगा हिसाब।

न्यूज 13 प्रतिनिधि नईं दिल्ली

नई दिल्ली/ देश में लंबे वक्त से चर्चा में रहे चार नए श्रम संहिताएं लागू होने का इंतजार है। केंद्र सरकार इन कानूनों को पहले ही पारित करा चुकी है परन्तु इनके लागू होने की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। जब ये नियम लागू होंगे तब कर्मचारियों की सैलरी, नौकरी छोड़ने पर फुल एंड फाइनल सेटलमेंट काम के घंटे और छुट्टियों से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे।

हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये नियम अभी लागू नहीं हुए हैं। केंद्र सरकार ने अभी तक देशभर में इनके लागू होने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है।

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लागू होने के बाद कर्मचारियों और कंपनियों दोनों को नए प्रावधानों का पालन करना होगा।

 1- हर महीने 7 तारीख तक मिलेगी सैलरी

नए Code on Wages, 2019 के तहत मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को अगले महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा। इसका उद्देश्य वेतन भुगतान में देरी रोकना और कर्मचारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।

2- नौकरी छोड़ने के दो दिन के अंदर फुल एंड फाइनल सेटलमेंट

नए नियमों के मुताबिक कर्मचारी के इस्तीफा देने बर्खास्तगी छंटनी या सेवा समाप्त होने की स्थिति में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट दो कार्य दिवस के भीतर करने का प्रावधान है।

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वर्तमान में कई कंपनियां यह प्रक्रिया 30 से 90 दिनों तक खींच देती हैं।

 3- चार दिन काम तीन दिन छुट्टी का विकल्प

नए लेबर कोड में यह व्यवस्था है कि यदि कोई कर्मचारी और नियोक्ता सहमत हों तो सप्ताह में चार दिन काम और तीन दिन छुट्टी का विकल्प अपनाया जा सकता है। इसके लिए दैनिक कार्य अवधि बढ़ाकर अधिकतम 12 घंटे तक की जा सकती है। हालांकि कुल साप्ताहिक कार्य घंटे 48 ही रहेंगे। यह व्यवस्था अनिवार्य नहीं बल्कि विकल्प के रूप में होगी।

4- पीएफ और ग्रेच्युटी में बदलाव

नए नियमों के तहत ‘वेतन की परिभाषा बदलेगी। बेसिक वेतन कुल वेतन का कम से कम 50% रखने का प्रावधान है। इससे कई कर्मचारियों का पीएफ और ग्रेच्युटी योगदान बढ़ सकता है।

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जबकि हाथ में मिलने वाली सैलरी कुछ मामलों में कम हो सकती है।

 5. महिलाओं के लिए सभी क्षेत्रों में काम का अवसर

Occupational Safety, Health and Working Conditions Code के तहत महिलाओं को सभी प्रकार के प्रतिष्ठानों और विभिन्न शिफ्टों में काम करने की अनुमति देने का प्रावधान है। हालांकि, रात की शिफ्ट में काम कराने के लिए सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।

अभी क्या है स्थिति ?

केंद्र सरकार चारों लेबर कोड- Code on Wages, Industrial Relations Code, Social Security Code और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code- को अधिसूचित कर चुकी है। लेकिन इनके प्रभावी होने के लिए राज्यों को भी अपने नियम तैयार करने हैं। अधिकांश राज्यों ने ड्राफ्ट नियम बनाए हैं फिर भी पूरे देश में इन्हें लागू करने की तारीख अभी तय नहीं की गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के विपरीत 7 तारीख तक सैलरी और 2 दिन में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट जैसे नियम फिलहाल लागू नहीं हुए हैं। ये प्रावधान नए लेबर कोड के लागू होने के बाद प्रभावी होंगे।

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