केदारनाथ में उधोगपति को वीआईपी दर्शन कराने के खिलाफ बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ जमकर लगे मुर्दाबाद के नारे।

न्यूज 13 प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग

रूद्रप्रयाग/ केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दरबार में देश के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडानी के वीआईपी दर्शन को लेकर तीर्थ पुरोहितों का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया।
उन्होंने बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के विरुद्ध मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही वीआईपी गेट बंद करने की मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी खूब वायरल हो है।

शादी की 40वीं वर्षगांठ पर पहुंचे थे केदारनाथ धाम धाम

देश के प्रमुख उद्योगपति गौतम अड़ानी ने शुक्रवार सुबह उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम में दर्शन किए।

यह भी पढ़ें 👉 चुनाव समाप्त कमर तोड महंगाई शूरु गैस सिलेंडर के दाम बढ़े 993 रुपए।

इस खास अवसर पर उनके साथ उनकी पत्नी प्रीति अड़ानी भी मौजूद रहीं। अपनी शादी की 40वीं वर्षगांठ के मौके पर दोनों ने भगवान शिव का जलाभिषेक करके आशीर्वाद लिया। अडाणी सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे और वहां से निजी हेलिकॉप्टर के जरिए केदारनाथ धाम पहुंचे।

 आध्यात्मिक शुरुआत और खास संदेश

दर्शन के बाद अड़ानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना अनुभव साझा किए। उन्होंने लिखा कि यह दिन उनके लिए दोहरी खुशी लेकर आया-एक ओर विवाह की 40वीं वर्षगांठ और दूसरी ओर राष्ट्रीय मजदूर दिवस उन्होंने अपनी पत्नी को जीवन का मजबूत सहारा बताते हुए आभार जताया और देश की प्रगति व समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की।

यह भी पढ़ें 👉 चम्पावत जिले के बाराकोट कुदरत का कहर मूसलाधार बारिश से बादल फटने जैसे हालात 3 वाहन दबे मलवे में ग्रामीणों की फसलें हुई तबाह।

साथ ही अड़ानी समूह के कर्मचारियों के साथ संवाद बढ़ाने के लिए अपनी बात, अपनों के साथ नाम से नई पहल की भी घोषणा की।

रोपवे परियोजना का एरियल सर्वे, कंपनी को मिला है काम

धार्मिक दर्शन के बाद अड़ानी ने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का हवाई सर्वे करने की योजना भी बनाई। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अड़ानी ग्रुप के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है। लगभग 13 किलोमीटर लंबा यह रोपवे हिमालय के बेहद कठिन भौगोलिक क्षेत्र में बनाया जाएगा। फिलहाल श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग से केदारनाथ तक लगभग 16 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ती है जिसमें 8-9 घंटे लगते हैं। रोपवे बनने के बाद यह यात्रा घटकर लगभग 36 मिनट की रह जाएगी।

आधुनिक तकनीक और बड़ी क्षमता

यह परियोजना अत्याधुनिक 3S श्री-केबल तकनीक पर आधारित होगी जो तेज हवाओं और खराब मौसम में भी सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करेगी। लगभग 4,081 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस रोपवे की क्षमता प्रति घंटे लगभग 1,800 यात्रियों को एक दिशा में ले जाने की होगी

यह भी पढ़ें 👉 भीमताल लव-जिहाद मामला, पहचान छुपाकर महिलाओं को फंसाकर धर्मान्तरण कराने वाला यूनुस को पुलिस ने किया गिरफ्तार।

जिससे तीर्थ सीजन की भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा।

परियोजना की मंजूरी और समय सीमा

इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मार्च 2025 में मंजूरी मिली थी जबकि अड़ानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड को सितंबर 2025 में इसका निर्माण कार्य सौंपा गया। अनुमान है कि इसे पूरा होने में लगभग पांच साल लगेंगे। यह परियोजना राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम ‘पर्वतमाला’ के तहत विकसित की जा रही है जिसका उद्देश्य दुर्गम धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाना है।

 केदारनाथ का महत्व

3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम हिंदुओं के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और भगवान शंकर को समर्पित है। मंदाकिनी नदी के तट पर बसे इस धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *