नेपाल, संसद भवन व मंत्रियों के घरों में जबरदस्त आगजनी के बाद प्रधानमंत्री ओली ने दिया इस्तीफा कइ मंत्रियों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा पीटा।

न्यूज़ 13 ब्यूरो नई दिल्ली/ नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पहले सोमवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जिसमें पुलिस कर्मियों द्वारा गोलियां चलाई गई जिसके बाद से ही प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। मंगलवार को राजधानी काठमांडू स्थित संसद भवन में आग लगा दी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली राष्ट्रपति और गृहमंत्री के निजी आवासों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई।

यह भी पढ़ें 👉 सीबीएसई ने 10वी और 12वीं के प्राइवेट छात्रों के लिए शूरु किया पंजीकरण।

नेपाल में जगह जगह प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की नेपाल में बढ़ते हिंसक प्रदर्शन के बीच हालात काबू से बाहर होने के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।

पूर्व प्रधानमंत्री और मंत्रियों पर हमला

प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के घर में घुसकर उन पर हमला किया और उन्हें बुरी तरह पीटा। वित्त मंत्री विष्णु पोडौल को काठमांडू में उनके घर के पास प्रदर्शनकारियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह भी पढ़ें 👉 मसूरी वन प्रभाग से गायब 7375 सीमा स्तंभों पर केन्द्र ने मांगा जवाब।

पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड शेर बहादुर देउबा और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों को भी आग के हवाले कर दिया गया।

पीएम ओली का इस्तीफा और सेना की कार्रवाई

लगातार बढ़ते दबाव और हिंसा के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार सेना ने उन्हें हेलिकॉप्टर से सुरक्षित अज्ञात स्थान पर पहुंचाया है।

अब तक 19 की मौत 400 से ज्यादा घायल

प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक हुई हिंसा में 19 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हैं।

यह भी पढ़ें 👉 उत्तराखंड में यहां ट्रॉली के सहारे नदी पार कर रही 15 वर्षीय किशोरी बही नदी में पुलिस व एसडीआरएफ की टीम ने चलाया सर्च अभियान।

अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है।

नेपाल में राजनीतिक संकट गहराया

नेपाल में बीते कुछ वक्त से राजनीतिक अस्थिरता और जनविरोध लगातार बढ़ रहा था। विपक्षी दलों और आम नागरिकों ने सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था जो अब हिंसक रूप ले चुका है। संसद भवन पर हमला और शीर्ष नेताओं पर हमले ने देश को गंभीर राजनीतिक संकट में धकेल दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *