उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगली जानवरों के आतंक से भयभीत ग्रामीण चमोली में भालू ने युवक को किया गम्भीर घायल, पौड़ी में गुलदार ने महिला पर किया हमला।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में जंगली जानवरों के आतंक से भयभीत ग्रामीण चमोली में भालू ने युवक को किया गम्भीर घायल, पौड़ी में गुलदार ने महिला पर किया हमला।
चमोली/पौड़ी–/ उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वन्यजीवों की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। चमोली के नंदानगर क्षेत्र में भालू ने एक युवक पर हमला करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया वहीं दूसरी ओर पौड़ी जिले में गुलदार ने मवेशियों को चारा देने गई महिला पर हमला कर दिया। दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
नंदानगर में भालू ने युवक को किया घायल
नंदानगर के बुरा गांव में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब 36 वर्षीय दिलबर सिंह गांव से लगभग 15 मीटर दूर स्थित गौशाला में पशुओं को घास देने जा रहे थे।
इसी बीच भालू ने उन पर हमला कर दिया। युवक के चिल्लाने की आवाज सुनकर उनके पिता मौके पर पहुंचे और शोर मचाया। इसके बाद भालू वहां से भाग गया। हमले में युवक के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने घायल दिलबर सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नंदानगर पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर कर दिया।
घटना की सूचना वन विभाग को भी दी गई। विभाग की ओर से युवक के उपचार के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की जानकारी सामने आई है। दूसरी घटना पौड़ी जिले के इडवालस्यूं क्षेत्र के कंडी गांव की है। यहां मवेशियों को चारा देने गई महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। परिजन और ग्रामीण घायल महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसका उपचार चल रहा है। ग्राम प्रधान चक्रधर शंकर नौटियाल के अनुसार कंडी निवासी इंदु देवी भंडारी गांव के समीप छानी (गौशाला) में मवेशियों को चारा देने गई थीं।
शाम को लगभग साढ़े छह बजे घर लौटते वक्त गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। महिला के शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग गया।
हमले में महिला के सिर पर गुलदार के नाखूनों के गहरे घाव हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगभग तीन महीने बाद गुलदार ने दोबारा हमला किया है। इससे पहले भी गुलदार की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। गुलदार की मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने पिंजरा लगाने और गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है