उत्तराखंड में आज और कल रोड़वेज की बसों में मुफ्त यात्रा करेगी मां बहने लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को नही मिल पाएंगी यह सुविधा जानिए क्यों।

न्यूज 13 प्रतिनिधि देहरादून

 देहरादून/ रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इन दो दिनों में रोडवेज बसों में सफर करने वाली महिलाओं से 100 प्रतिशत किराया नहीं लिया जाएगा। हालांकि सरकार की इस सुविधा का लाभ राज्य की सभी महिलाओं तक पहुंचना आसान नहीं है।

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दरअसल मुफ्त यात्रा की सुविधा केवल उन क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को मिलेगी जहां उत्तराखंड परिवहन निगम की बस सेवाएं संचालित होती हैं। पहाड़ के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी रोडवेज बसों की नियमित सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों की महिलाओं को रक्षाबंधन पर घर जाने के लिए निजी बसों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। खासकर गढ़वाल मंडल व कुमाऊं मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है। यहां कई मार्गों पर निजी बस सेवाएं ही संचालित होती हैं जबकि निजी बसों में सरकार की ओर से दी गई मुफ्त यात्रा की सुविधा लागू नहीं होगी।

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सड़कें गांवों तक पहुंचने के बावजूद रोडवेज की बसें हर रूट पर नहीं चलती हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में लगभग 1,400 बसें हैं जिनमें लगभग 70 प्रतिशत बसें मैदानी क्षेत्रों के रूटों पर संचालित होती हैं। गढ़वाल के टिहरी, पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों के लिए देहरादून, ऋषिकेश और श्रीनगर से सीमित संख्या में ही रोडवेज बस सेवाएं संचालित होती हैं। वहीं उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग में परिवहन निगम का एक भी डिपो नहीं है।

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पौड़ी जिले में श्रीनगर और कोटद्वार डिपो हैं लेकिन श्रीनगर डिपो में भी बसों की संख्या बेहद सीमित है। यहां महज करीब आठ बसों का संचालन बताया गया है। ऐसे में रक्षाबंधन पर सरकार की मुफ्त बस यात्रा की घोषणा से मैदानी क्षेत्रों और रोडवेज रूट से जुड़े इलाकों की महिलाओं को तो सीधा लाभ मिलेगा परन्तु पर्वतीय क्षेत्रों के उन ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के सामने निजी परिवहन पर निर्भर रहने की मजबूरी बनी रहेगी जहां रोडवेज की बसें नहीं पहुंचतीं।

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