मंत्री रेखा आर्या और पति गिरधारी लाल के बीच इस महिला के आने से बड़ी दरार कल्पना की एंट्री से हत्या के आरोपों तक पहुंचा विवाद।

न्यूज 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ उत्तराखंड
सरकार की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। मामला केवल पति-पत्नी के आपसी विवाद तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें कथित वैवाहिक धोखाधड़ी, दूसरी महिलाओं से संबंध, मारपीट, जातिगत अपमान, दस्तावेजों में जालसाजी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की एक अहम कड़ी अक्टूबर 2024 में सामने आई थी जब रेखा आर्या ने बरेली में कल्पना मिश्रा/चतुर्वेदी नाम की महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मंत्री का आरोप था कि महिला ने आधार कार्ड और पासपोर्ट सहित अलग-अलग दस्तावेजों में उनके पति गिरधारी लाल साहू का नाम अपने पति के रूप में दर्ज कराया है। अब लगभग दो साल बाद पति-पत्नी के बीच विवाद पुलिस तक पहुंचने और दोनों पक्षों के बयान सार्वजनिक होने से यह पुराना प्रकरण फिर चर्चा में है

अक्टूबर 2024 में पड़ी थी विवाद की असल नींव

रेखा आर्या ने अक्टूबर 2024 में बरेली के बारादरी थाने में कल्पना मिश्रा/चतुर्वेदी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इससे पहले उन्होंने बरेली के आइजी को शिकायती पत्र देकर महिला पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के अनुसार कल्पना ने अपने आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू को अपना पति बताया था। इतना ही नहीं मंत्री ने आरोप लगाया था कि महिला ने बरेली स्थित उनके घर का पता भी अपने पते के रूप में दर्ज कराया।

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रेखा आर्य ने शिकायत में आरोप लगाया था कि संबंधित महिला उनके बरेली स्थित आवास से सात लाख रुपये और स्वर्ण जड़ित रुद्राक्ष की माला चोरी कर ले गई। उन्होंने यह भी दावा किया था कि महिला हुंडई क्रेटा कार से चलती है जिस पर कथित तौर पर उत्तराखंड सरकार का बोर्ड हूटर और नीली बत्ती अवैध रूप से लगा रखी थी। मंत्री की शिकायत में कल्पना के साथ डा. आरसी पांडे का नाम भी आया था। रेखा आर्या ने आरोप लगाया था कि महिला और उसके कथित मौसा गलत धंधों का गिरोह संचालित करते हैं। उस वक्त महिला को भाजपा कार्यकर्ता भी बताया गया था। हालांकि महिला ने गिरधारी लाल साहू का नाम अपने पति के रूप में दर्ज कराने के पीछे क्या वजह बताई थी और दस्तावेजों में नाम दर्ज कराने की परिस्थितियां क्या थीं इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध तथ्यों से नहीं होता है इस प्रकरण ने उस वक्त राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। मंत्री की शिकायत के केंद्र में उनके पति का नाम किसी दूसरी महिला के दस्तावेजों में पति के रूप में दर्ज होना था। हालांकि केवल इस मुकदमे के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि इसी घटना ने पति-पत्नी के रिश्ते में आई दरार को जन्म दिया। इतना जरूर है कि गिरधारी साहू के नाम से जुड़ा यह विवाद उनके वैवाहिक संबंधों को लेकर उठे सवालों की एक पुरानी कड़ी है।दो साल बाद पति के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ एफआइआर से सिस्टम भी सकते में 15 अक्टूबर 2026 को विवाद ने नया मोड़ ले लिया। रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शिकायत में उन्होंने शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने दूसरी महिलाओं से कथित संबंध रखने मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए जिसे पूरा सरकारी सिस्टम भी सकते में आ गया रेखा आर्या के अनुसार उनकी शादी छह जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिà¤