अल्मोड़ा/ रानीखेत में एनआईसीयू को लेकर छिड़ा विवाद अब बहुत आगे बढ़ता जा रहा है। बीते रोज रानीखेत विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल द्वारा एनआईसीयू उपकरणों को पुराना बताये जाने पर दी गई खुली बहस की चुनौती को कांग्रेस के पूर्व विधायक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने प्रेस को जारी एक बयान में कहा है कि 23 मई 2026 के बाद किसी भी समय स्थान व किसी भी मंच पर डॉ० प्रमोद नैनवाल बता दें वो खुली बहस की चुनती को तैयार हैं फिर चाहे वो सड़क, पेयजल, स्वास्थ या रानीखेत विधानसभा के किसी भी मुद्दे पर हों खुली बहस करने को तैयार हैं।
कुछ दिन पहले भाजपा विधायक प्रमोद नैनवाल ने गोविन्द माहरा राजकीय अस्पताल में एनआईसीयू का लोकार्पण किया गया था परन्तु उसके अगले दिन कांग्रेस के पूर्व विधायक करन माहरा ने अस्पताल का दौरा किया और दावा किया कि एनआईसीयू में लगाए गए उपकरण पहले से ही अस्पताल में मौजूद थे और उन्हें नए कक्ष में स्थापित करके विधायक झूठी वाहवाही लूट रहे हैं।
करन माहरा के इस बयान के बाद विधायक नैनवाल ने प्रेस वार्ता करके माहरा को खुली बहस की चुनौती दी थी जिसे अब करन माहरा ने स्वीकार कर लिया है। 2027 के चुनाव से पहले अब एनआईसीयू से शुरू हुआ विवाद रोचक दौर में पहुंच गया है। अब एक बार फिर से गेंद प्रमोद नैनवाल के पाले में चले गई है। विधायक नैनवाल अब इस पर क्या एक्शन लेते है ये देखना रोचक होगा।