उत्तरकाशी/ हर्षिल घाटी में दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कारण अचानक तेलगाड़ नदी एक बार फिर अपने उफान पर आ गई जिसके चलते वहां स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। तेलगाड़ में पानी बढ़ने के कारण भागीरथी नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा को देखते हुए वहां पर नदी के किनारे के होटलों और आवासीय भवनों सहित जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस थाने को खाली करवा दिया गया। वहीं अब धराली के बाद हर्षिल के अस्तित्व को खतरा बना हुआ है।
हर्षिल को पूर्व से भागीरथी नदी में बनी झील से खतरा बना हुआ था वहीं अब तेलगाड़ धराली की खीरगंगा की तरह ही लोगों को डरा रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोपहर बाद पहले तेलगाड़ का जलस्तर बढ़ने पर उसका पानी गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा मलबे की ओर बहने लगा। उसके बाद दो से तीन बार दोबारा पानी के साथ मलबा आने के कारण आर्मी कैंप और भागीरथी नदी की ओर बह रहा है।
यमुना नदी के मुहाने पर कुपड़ा क्षेत्र से आने वाले गढ़गाड़ गदेरे से मलबा और बोल्डर फिर से आया। इस कारण यमुना नदी का जल प्रवाह बाधित हो गया। दोबारा झील का पानी बढ़ने लगा। हालांकि यमुना नदी के एक छोर से पानी की निकासी हो रही है। बावजूद इसके अभी भी यहां खतरा कम नहीं हुआ है। नदी का बहाव यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने पुल से सिर्फ कुछ ही फीट नीचे है लेकिन नदी के किनारे बने कुछ होटलों के निचले तल में अभी भी पानी भरा हुआ है। हर्षिल को पूर्व से भागीरथी नदी में बनी झील से खतरा
बना हुआ था।
दोपहर बाद पहले तेलगाड का जलस्तर बढ़ने पर उसका पानी गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमा मलबे की ओर बहने लगा। उसके बाद दो से तीन बार दोबारा पानी के साथ मलबा आने के कारण आर्मी कैंप और भागीरथी नदी की ओर बह रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धराली में खीरगंगा का मलबा लगातार आता रहा लेकिन तेलगाड में मलबा और बोल्डर ऊपरी क्षेत्र में ही अटके हुए थे।