देवाल, बेटी के जन्मदिन पर आना था घर लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, तिरंगे में लिपट कर घर पहुंचे आशीष।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि अरुण मिश्रा चमोली

देवाल/ चमोली जिले के देवाल विकास खंड के कोठी गांव निवासी वायुसेना में कार्यरत सार्जेंट आशीष जुयाल का दिल्ली के सेना अस्पताल में निधन हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा जहां सैन्य सम्मान के साथ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। जवान की अंतिम विदाई के दौरान पूरा क्षेत्र गमगीन नजर आया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 12 सितंबर को अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर आशीष को दिल्ली स्थित सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 15 सितंबर की रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

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गुरुवार शाम तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े वायुसेना के जवानों ने मातमी धुन बजाकर अपने साथी को सलामी दी विधायक भूपाल राम टम्टा और वायुसेना के वारंट अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

छह साल की बेटी से किया था जन्मदिन मनाने का वादा

आशीष के परिवार के लिए 16 सितंबर का दिन बेहद खास होने वाला था क्योंकि इसी दिन उनकी छह साल की बेटी गिन्नी का जन्मदिन था। बताया जा रहा कि आशीष ने अपनी लाडली से वादा किया था कि वह इस दिन घर पहुंचकर उसका जन्मदिन धूमधाम से मनाएंगे।

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गिन्नी नए कपड़े, गुब्बारों और पिता के हाथों से केक खाने की उम्मीद में उनका बेसब्री से इंतजार कर रही थी। परन्तु नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस दिन गिन्नी को अपने पापा के गले लगना था उससे पहली रात उसे पिता के निधन की खबर मिली और अगले दिन आशीष का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा।

 बेटी ने शहीद पिता को किया सैल्यूट

पिता को खोने के गम में मां देवेश्वरी और पत्नी संध्या का रो-रोकर बुरा हाल था।

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अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। छह साल की मासूम गिन्नी ने रोते हुए अपने शहीद पिता को सैल्यूट किया जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। सैन्य सम्मान के साथ सार्जेंट आशीष जुयाल को अंतिम विदाई दी गई उनकी शहादत से कोठी गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

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