धाकड़ धामी के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं अपने बीजेपी में अंकिता को न्याय दिलाने के लिए लगी इस्तीफों की झड़ी।

न्यूज 13 प्रतिनिधि देहरादून

देहरादून/ उत्तराखंड बीजेपी में लगी इस्तीफों की झड़ी अब ये बिलकुल नहीं पूछा जाना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है क्यों बीजेपी में एक के बाद एक इस्तीफा हो रहा है। कई लोग पार्टी को कोस रहे हैं कई लोग राज्य सरकार के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं देवभूमि में तेज हुई न्याय की जंग अपनों के ही बीच घिर गई बीजेपी इसीलिए तो लग गई इस्तीफों की झड़ी।

देवभूमि में तेज हुई न्याय की जंग

और अब अपने ही गढ़ में या कह लीजिए अपने ही घर में घिरती दिखाई दे रही हैं बीजेपी पार्टी के अंदर बवाल इतना बढ़ा कि इस्तीफों की झड़ी लग गई है। क्या ये इस्तीफे पार्टी के लिए कोई बड़ी चेतावनी नहीं हैं। इस सियासी भूचाल को अब बीजेपी कैसे सभालेगी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक के बाद एक इस्तीफे हो रहे हैं। कुछ बड़े नेताओं ने भी सीबीआई जांच की मांग उठाई है।

यह भी पढ़ें 👉 उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड कई जिलो में विजिबिलिटी शून्य के करीब।

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में बीजेपी को अब अपने ही घेरने लगे हैं। बीजेपी के कई नेता इस केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो कुछ इस्तीफा दे रहे हैं। अब खबर है कि ऋषिकेष से बीजेपी के एक और जिला मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। ऋषिकेष से बीजेपी युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफा देते हुए लिखा है कि मेरी पार्टी के लोग तमाशा देख रहे हैं जिसे देखकर मुझे शर्म आ रही है। यहां एक नहीं कई नाम हैं जो बीजेपी से अपना नाता तोड़ चुके हैं अब ये फर्क नहीं पड़ना चाहिए कौन क्या है। कौन छोटा नेता है कौन बड़ा नेता फर्क तो बीजेपी को पड़ना चाहिए जिसके कुनबे के साथ जनाधार भी घट रहा है। अंकिता भंडारी की 2022 में हत्या की गई थी।

यह भी पढ़ें 👉 जोशीमठ आर्मी एरिया अन्तर्गत डिफेन्स स्टोर में आगजनी की घटना, आर्मी ने पाया काबू।

वह ऋषिकेश के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थीं। कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो-वीडियो वायरल हुए थे जिसमें अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद से ही बीजेपी निशाने पर आ गई। अब विपक्ष सहित जनता ने मांग की है कि जिस वीआईपी का जिक्र किया गया है उसके नाम का खुलासा किया जाए। साथ ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की जाए। अब इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी मुसीबत में फंस गई है। अब तक तो बीजेपी सिर्फ कांग्रेस के ही निशाने पर थी परन्तु अब अपनी ही पार्टी के लोग भी घेरने लगे हैं। बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने भी सीबीआई जांच की मांग उठा दी है। और तो और कई नेता इस्तीफा भी देने लगे हैं ये वो लोग हैं जो पार्टी में थोड़ा बहुत कद रखते हैं। वैसे भरमार है ऐसे लोगों की जो बीजेपी से अलग हो रहे हैं। ऋषिकेश के बीजेपी युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकित बहुखंडी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अंकित बहुखंडी ने अपने इस्तीफे में लिखा अंकिता भंडारी मामले में वीआईपी लोगों का नाम आ रहा है और मेरी ही पार्टी के लोग चुपचाप तमाशा देख रहे हैं यह सब देखकर मुझे शर्म आ रही है कि मैं किस दल से जुड़ा हू।

यह भी पढ़ें 👉 चमोली में गुलदार का आंतक दो मवेशियों को उतारा मौत के घाट गुस्साएं ग्रामीणों ने देरी से पहुंचने पर वन विभाग की टीम को बनाया बंधक।

उन्होंने लिखा मैं बीजेपी से 7 साल से जुड़ा हूं लेकिन मैं देख रहा हूं कि बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता बहन अंकिता भंडारी के मामले में मौन हैं। इससे मैं हताहत हू। मेरी भी बहन है। अंकिता भंडारी भी मेरी ही बहन जैसी थी। इसलिए आज अंकिता भंडारी के इंसाफ के लिए मैं बीजेपी की सदस्यता से इस्तीफा देता हू। अंकित बहुखंडी ने बीजेपी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अंकिता भंडारी के लिए सीबीआई जांच की मांग करें और उसे इंसाफ दिलाएं। इससे पहले बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व राज्य मंत्री भगत राम कोठारी ने भी इस्तीफा दे दिया था। और आप सोचेंगे उन्होंने क्या कहा उन्होंने इस्तीफा देते हुए कहा अंकिता हमारी बेटी है। यह मामला राज्य की महिलाओं की सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। मैंने लगातार मांग की लेकिन पार्टी ने कुछ नहीं किया। यही कारण है कि मुझे भारी मन से पार्टी छोड़ने का फैसला करना पड़ा। इसके अलावा एक बड़ा नाम जुड़ा 4 बार विधायक और बीजेपी सरकार में मंत्री रहीं विजया बड़थ्वाल उन्होंने अंकिता भंडारी मर्डर केस की सीबीआई जांच की मांग की है।

यह भी पढ़ें 👉 कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति के शर्मनाक बयान ने बढ़ाई बीजेपी की मुसीबत आज कांग्रेस करेगी रेखा आर्या के आवास का घेराव।

विजया बड़थ्वाल ने कहा इस पवित्र भूमि पर हमारी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो इस राज्य को संभालने का क्या अर्थ बचता है। वैसे इसके अलावा कुछ वो लोग हैं जिन्होने इस्तीफा तो नहीं दिया लेकिन सरकार के स्टैंड पर सवाल उठाए बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष का नाम भी इस लिस्ट में हैं। अजेंद्र अजय ने भी सोसल मीडिया में जो लिखा वो कई सवाल खड़े कर गया। इससे पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीबीआई जांच की मांग की थी। उनके अलावा बीजेपी नेता विजया बर्थवाल ने भी इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। इसके बाद बीजेपी के एक और नेता अजेंद्र अजय ने भी सीबीआई जांच की मांग कर डाली है। इतना ही नहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष विजया बर्थवाल ने भी मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि सच सामने आ पाए। उन्होंने कहा था जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि न्याय और सच्चाई की कोई आवाज दबाई नहीं जाएगी। हमारी बेटियों की सुरक्षा के मामले में हम किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं कर सकते। यह सिर्फ एक मामला नहीं है बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों का सवाल है। अब इतने सवालों के शोर में जांच कहां गुम है कोई नहीं जानता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *