उधम सिंह नगर/ कुमाऊँ मंडल के टैक्सी चालकों में वाहनों की फिटनेस नजदीकी एटीएस केंद्र में ही करवाने के आदेश पर आक्रोश व्यापत है। इस सम्बन्ध में कुमाऊँ मंडल टैक्सी महासंघ के बैनर तले टैक्सी यूनियनों की एक बैठक का आयोजन टनकपुर में किया गया और सरकार के इस आदेश के विरुद्ध में संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही टैक्सी यूनियनों द्वारा आज भाजपा के सभी जिलाध्यक्षों को एक पत्र लिखकर भाजपा से सामूहिक इस्तीफा दे दिया गया है।
कुमाऊँ टैक्सी महासंघ के अध्यक्ष शंकर ठाकुर का कहना है कि शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उत्तराखंड के समस्त वाहनों की फिटनेस नजदीकी एटीएस केंद्र में ही कराना अनिवार्य है लिखा गया है कि उत्तराखंड के समस्त वाहनों की फिटनेस नजदीकी एटीएस केंद्र में ही कराना अनिवार्य है परन्तु सरकार को शायद पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों का अंदाजा नहीं जो ऐसे तुगलकी फरमान जारी करके परिवहन व्यवसाईयों का शोषण किया जा रहा है। कुमाऊँ टैक्सी महासंघ का कहना है कि 09/01/2026 को केन्द्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्री अजय टम्टा से उनके दिल्ली कार्यालय में इस विषय को लेकर शिस्टाचार भेंट की गई।
जिसमे मंत्री द्वारा आस्वस्त किया गया कि एक से दो कार्य दिवस के अंदर पूर्व की भांति फिटनेस सुचारु हो जायेगी परन्तु आज की तिथि तक यह संभव नहीं हो पाया। जिस कारण परिवहन व्यवसाईयों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा जिलाध्यक्षों को लिखे पत्र में कहा गया है कि हमारे भाइयों की परेशानी को देखते हुये कुमाऊँ के समस्त व्यावसायिक वाहन स्वमियों जिनकी संख्या 1 लाख से अधिक है यह समस्त टैक्सी चालक एवं इनके परिवार से जुड़े सदस्य सभी भारतीय जानता पार्टी से स्वयं अपनी सदस्य्ता समाप्त कर रहे है। इस सम्बन्ध में गढ़वाल मण्डल से भी समर्थन प्राप्त है वहां भी परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग तत्काल भारतीय जानता पार्टी से अपनी सदस्य्ता समाप्त करने पर विवश है।
इसके साथ ही पत्र में कहा गया है कि 22/12/2025 को मुख्यमंत्री के रानीखेत दौरे के उपरांत उनसे भेंट कर परिस्थितियों से अवगत कराया गया परन्तु कोई समाधान नहीं हो पाया जिस कारण आज हमें यह फैसला लेना पढ़ रहा है। कुमाऊँ महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि 31 जनवरी तक इस विषय में किसी भी प्रकार का कोई समाधान नहीं निकाला गया तो सदस्यता के साथ ही समूचे प्रदेश में बंद एवं चक्कजाम के साथ ही आने वाले विधान सभा चुनाव में इसके परिणाम सरकार को देखने को मिलेंगे और साथ ही किसी भी मंत्री के आगमन पर कोई भी टैक्सी वाहन देने को बाध्य नहीं होंगे यह हमारे परमिट की शर्तों में सम्मिलित नहीं है।