उत्तरकाशी/ जिले के नौगांव क्षेत्र में शनिवार शाम को बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। अचानक हुई तेज बारिश से देवलसारी खड्डु और नौगांव गधेरे में उफान आ गया और देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि ग्रामीणों में जबरदस्त अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक तेज बहाव में खेतों और सेब के बागानों को भारी क्षति पहुंची है।
कई जगहों पर कृषि भूमि मलबे में दब गई और पानी के सैलाब में बाइक और स्कूटिया बह गईं जिससे निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।ग्रामीणों ने बताया कि मूसलाधार बारिश ने उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया। खेतों के किनारे बने घरों में पानी के साथ गाद घुसने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है आपदा की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि नौगांव क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिलते ही उन्होंने जिलाधिकारी से संपर्क साधा और राहत एवं बचाव कार्यों को तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और किसी भी परिवार को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुट गई। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और गधेरो के किनारे न जाएं।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है। अभी प्राथमिकता यह है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और उन्हें भोजन पानी व आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी न हो। राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना से जहां पूरे इलाके में दहशत का माहौल है वहीं ग्रामीण उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द नुकसान की भरपाई के लिए ठोस कदम उठाएगी।नौगांव के ऊपरी क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से नौगांव के आसपास के गदेरे उफान पर आ गए। मुराड़ी खड्डु, नौगांव मार्केट खड्डु, देवलसारी खड्ड और शौली खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक देवलसारी खड्ड में एक मकान मलबे में दब गया हालांकि गनीमत रही कि परिवार के सभी सदस्य समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए थे।घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने राहत दल राजस्व विभाग की टीम, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व फायर और एम्बुलेंस को घटना स्थल पर भेजने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मलबे से अवरुद्ध हुए सड़क मार्ग को सुचारू करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी को दिए है। तथा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ठहराने के निर्देश दिए।