सामाजिक चिंता– सामाजिक कार्यकर्ताओं
का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में शराब की इतनी अधिक खपत पारिवारिक संरचना और युवाओं के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।
शराब बंदी वाले गांव– चमोली के कई गांवों में ग्रामीणों विशेषकर महिला मंगल दलों ने अपने स्तर पर शराब बंदी लागू की हुई है परन्तु जिले के कुल आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
रणनीति— बढ़ते लक्ष्य यह दर्शाते हैं कि सरकार की राजस्व नीति शराब के विस्तार पर केंद्रित होती जा रही है।