चमोली के जंगलों में लगी भीषण आग, लाखों की वनसम्पदा जलकर हुई राख और वन विभाग है बैठको में मस्त।

NEWS 13 प्रतिनिधि चमोली:-

चमोली/ पिछले तीन दिनों से बद्रीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत मध्य पिंडर रेंज थराली के जंगल धू-धू कर जल रहें हैं और वन विभाग के उच्चाधिकारी जंगलों को दवानल से बचाने की कवायद के तहत क्षेत्रीय वन अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही सरपंचों के साथ जिला मुख्यालय मंडल मुख्यालय व राजधानी में बैठको में मशगूल हैं। ऐसे में जंगलों में फैली आग को कैसे रोका जाएगा कह पाना मुश्किल है। मध्य पिंडर रेंज थराली के अंतर्गत पिंडर पार के कोटडीप, कुराड़, खूनी, पार्था, सबगड़ा, ढुगाखोली, सुनाऊं सहित अनेक गांवों के आसपास के जंगल पिछले शुक्रवार से बुरी तरह से जल रहें हैं। जोकि अभी तक भी सुलग रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉 : हर रोज़ बढ़ाए जा रहे हैं पैट्रोल व डीज़ल के दाम, राज्य के इन जगहों पर पहुंचा 100 के पार।

इस बीच लाखों रुपयों की वनसंपदा के साथ ही वन्य जीवों को नुक्सान पहुंच चुका हैं। जंगलों के धधकने के कारण उससे उठने वाले धूवें से पूरे क्षेत्र में गहरी धुंध छा गई हैं। जिससे लोगों को सांस लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर मध्य पिंडर रेंज थराली के वन क्षेत्राधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि वें पौड़ी में चीफ वन के द्वारा जंगलों को आग से बुझाने की बैठक में सम्लित होने गए हुए हैं। हालांकि उन्होंने माना कि पिछले तीन दिनों से वन क्षेत्र के जंगलों में जबरदस्त आग फैली हुई हैं। कहा कि इसे नियंत्रित करने के लिए वन कर्मियों व फायर वाचरो के साथ ही ग्रामीण जुटे हुए हैं। बताया कि शुक्रवार को फैली आग को उसी दिन नियंत्रित कर लिया गया था। उसके बाद शनिवार को भी आग पर नियंत्रण पा लिया गया था। लेकिन रविवार को पुनः दवानल के फैल जाने के बाद उसे भी नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। बताया कि सर्वे आफ इंडिया से सेटेलाइट से ली गई तस्वीर के बाद आग का प्रति दिन 11 बजे दोपहर एवं सांय 4 बजें अलर्ट जारी किया जाता है। लेकिन पिछले दो दिनों से उसके द्वारा किसी भी तरह का अलर्ट जारी नही किया गया हैं। इस संबंध में अलकनंदा वन भूमि संरक्षण रेंज थराली के रेंजर रविंद्र निराला ने बताया कि गर्मी अधिक होने के कारण दवाग्नि के नियंत्रण में काफी दिक्कतें सामने आ रही हैं। बावजूद इसके काफी हदतक दवानल पर नियंत्रण पाया जा चुका हैं।

यह भी पढ़ें 👉 : हर रोज़ बढ़ाए जा रहे हैं पैट्रोल व डीज़ल के दाम, राज्य के इन जगहों पर पहुंचा 100 के पार।

इधर वन विभाग के सूत्रों के अनुसार रेंजर के अलावा इस रेंज के साथ ही पूरे जिले के कुछ वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ ही कई वन पंचायतों के सरपंचों को बैठकों के नाम पर देहरादून बुलाया गया हैं। जिसका सीधा प्रभाव आग को नियंत्रित करने पर पड़ रहा हैं। एक तरह जिस तरह से पिछले डेढ़ सप्ताह से अधिक समय से अन्य क्षेत्रों की तरह ही पिंडर क्षेत्र में भी भीषण गर्मी पड़ रही हैं और लगातार एक के बाद एक जंगलों में आग फैल रही हैं। और वन विभाग के आलाधिकारी जंगलों को आग पर तत्काल नियंत्रण पाने के बजाय अब दवानल को नियंत्रित करने के उपायों पर मंथन करना हास्यास्पद लग रहा हैं। माना जा रहा हैं कि जब अभी जंगलों को दवानल से बचाने पर मंथन ही चल रहा हैं तो कब उसे धरातर पर उतारा जाएगा इसका अनुमान लगाया जा सकता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.