पेयजल संकट को लेकर बाराकोट के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जताया रोष।

NEWS 13 प्रतिनिधि राहुल सिंह अधिकारी, चम्पावत:-

बाराकोट/ पिछले माह अतिवृष्टि के बाद से ही बाराकोट विकास खंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जल संस्थान के खिलाफ रोष जताया। कहा कि शीघ्र जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बाराकोट, पम्दा, खाल, काकड़ आदि गांवों में पन्द्रह दिन से नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी है। ग्रामीण अपने घर के अन्य काम छोड़कर दूर दराज के प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को बाराकोट में खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि आपदा के कारण क्षेत्र की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसे विभाग अभी तक ठीक नहीं कर पाया है।

यह भी पढ़े 👉 : कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्र में यहां आया अजीबोगरीब मामला सामने, धनतेरस पर खरीददारी करने गई लड़की हुई गायब, फिर पिता को आया फौन मैंने प्रेम विवाह कर लिया है।

ग्रामीणों का कहना है कई बार उच्चाधिकारियों से भी इस बात की शिकायत कर दी गई है लेकिन जन सुविधा की अनदेखी की जा रही है। कहा कि विभाग पानी न आने के बाद भी भारी भरकम बिल थमाता है। इस बार उपभोक्ता पानी के बिलों का भुगतान नहीं करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में नगेंद्र कुमार जोशी, किशोर चंद्र खर्कवाल, नवीन चंद्र जोशी, अंकित जोशी, दीपक जोशी, मित्र सिह अधिकारी, सुनील जोशी, केशव दत्त जोशी आदि मौजूद थे। इस बारे में पवन बिष्ट अपर सहायक अभियंता जल संस्थान लोहाघाट का कहना है कि आपदा के दौरान सलना सहित अन्य पेयजल लाइन जगह जगह क्षतिग्रस्त हुई है। जिनकी कई जगह पाइपों की मरम्मत कर ली गई है। जल्द व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।

यह भी पढ़े 👉 : राष्ट्रीय राजमार्ग 87 को 7 नवंम्बर से 10 नवंबर सभी वाहनों के लिए प्रतिबंधित करने पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने मंडलायुक्त से फ़ोन पर वार्ता कर तिथियों में बदलाव के दिए निर्देश।

Leave a Reply

Your email address will not be published.