अल्मोड़ा/ विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हिरमोली गांव के आसपास के जंगल पिछले चार दिनों से लगातार धधक रहे हैं। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर वन विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने के कारण आग लगातार फैलती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल की आग अब रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगी है। कई क्षेत्रों में चीड़ के पेड़ों और सूखी घास ने आग को और भड़का दिया है। तेज हवा के चलते स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव के लोगों ने स्वयं ही टहनियों और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया परन्तु संसाधनों की कमी के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है।
वन संपदा को हो रहा है भारी नुकसान
स्थानीय निवासियों के मुताबिक आग से सैकड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वन्यजीवों के पलायन की खबरें भी सामने आ रही हैं। धुएं के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हेलीकॉप्टर या अतिरिक्त दमकल बल भेजने की मांग।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि आग की सूचना पहले दिन ही वन विभाग को दे दी गई थी परन्तु मौके पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारी नहीं पहुंचे। इससे लोगों में नाराजगी है। कुछ ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द आग पर काबू नहीं पाया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग पर काबू पाने के लिए टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं और आसपास के क्षेत्रों में फायर लाइन बनाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जल्द ही आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया जाएगा।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से की हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर प्रभावी कदम उठाने की अपील है। उनका कहना है कि हर साल गर्मियों में इस तरह का घटनाएं होती हैं लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए जाते। फिलहाल पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग जंगल की आग पर जल्द नियंत्रण की उम्मीद लगाए बैठे हैं।