रामनगर/ धाकड़ धामी की सरकार में वन माफियाओं के होंसले बुलंद हैं वन विभाग की टीम से छीन ले गए पकड़ा गया लोडर और साथ में दे गए जान से मारने की दी धमकी उत्तराखंड में वन माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं इसका ताजा उदाहरण रामनगर क्षेत्र में सामने आया है। यहां वन विभाग की टीम द्वारा पकड़े गए एक मोडिफाइड ट्रैक्टर (लोडर) को वन माफिया जबरन छुड़ाकर ले गए। घटना के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
रामनगर रेंज के बीट अधिकारी विमल चौधरी ने कुण्डेश्वरी चौकी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 8 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 2:50 बजे वे गुलजार बीट के एन-2 क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी बीच प्रतिबंधित क्षेत्र गुलजारपुर में एक मोडिफाइड ट्रैक्टर (लोडर) आता हुआ दिखाई दिया। शक होने पर उन्होंने स्टाफ के सहयोग से वाहन को रोक लिया और उसे गुलजारपुर चौकी ले जाने लगे।
इसी बीच कुछ लोग कार से मौके पर पहुंचे और वन विभाग की टीम की घेराबंदी कर दी। आरोप है कि उन्होंने वन कर्मियों के साथ अभद्रता गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। इसके बाद दबंगई दिखाते हुए पकड़े गए मोडिफाइड ट्रैक्टर (लोडर) को बलपूर्वक छुड़ाकर ले गए। जाते-जाते आरोपियों ने वन कर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी।
घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। बीट अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बड़ा सवाल यह है कि “न भय, न भ्रष्टाचार” का दावा करने वाली धाकड़ धामी सरकार में आखिर यह क्या हो रहा है? जब जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो वन संपदा की रक्षा कैसे होगी? लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।