14 साल बाद आया कोर्ट का फैसला तीन आरोपियों को 10-10 साल की सज़ा के साथ ही अर्थ दण्ड भी लगाया न्यायालय ने।

NEWS 13 प्रतिनिधि हल्द्वानी:-

हल्द्वानी/ द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीम अहमद की कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में मालधन चौड़ रामनगर निवासी पुलिसकर्मी समेत 3 लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई है। और साथ न्यालय ने सभी पर 25-25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला घटना के 14 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है। और इस मुकदमे में शामिल तीन आरोपितों की कोर्ट ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। सह शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरिजा शंकर पांडे ने बताया कि मालधन चौड़ नंबर 3 गांधीनगर निवासी पुलिसकर्मी पूरन चंद्र की पत्नी विमला की 26 दिसंबर 2007 को संदिग्ध परिस्थिति में जलने से मौत हो गई थी। मायके वालों ने पति और अन्य ससुरालियों पर दहेज उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विमला की मौत के बाद मायके वालों को उसके मरने की सूचना नहीं दी गई और ना ही पोस्टमार्टम कराया गया। जिससे बाद पुलिस ने विमला के पति पूरन चंद्र देवर सुरेश व गब्बर चंद्र व ननद इंद्रा तथा ससुर मोहनराम के साथ ही सास मानुलि देवी पर मुकदमा दर्ज किया था।

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अदालत में दोष साबित करने के लिए 6 गवाह पेश किए गए। सह शासकीय अधिवक्ता गिरिजा शंकर पांडे के मुताबिक दोष सिद्ध होने पर पति पूरन चंद्र व देवर सुरेश चंद्र तथा ननद इंद्रा को 10-10 साल की सजा सुनाई और साथ ही अर्थदंड भी लगाया। वहीं ट्रायल के दौरान ससुर मोहनराम व देवर गब्बर चंद्र तथा सास मानुली देवी की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर जुर्माना अधिवक्ता गिरिजा शंकर के मुताबिक राहत पाने के लिए आरोपित पक्ष सुप्रीम कोर्ट भी गया था। जिसके बाद कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा था कि मामले में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। अधिवक्ता के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के कहने पर दोषियों पर एक लाख जुर्माना भी लगाया गया है। यह रकम मृतका के माता-पिता को मिलेगी।

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