कॉर्बेट पार्क की सीमा से बाहर बताकर वनप्रभाग के सितावनी ज़ोन में एआरटीओ ने 25 जिप्सी चालकों का किया 1 लाख 25 हजार का चालान, जिप्सी चालकों ने किया विरोध।

NEWS 13 प्रतिनिधि हल्द्वानी:-

रामनगर/ जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से लगे रामनगर वनप्रभाग के सितावनी जोन से एक हैरान वाला मामला सामने आया है। यहां एआरटीओ प्रवर्तन ने जिप्सियों को कॉर्बेट की सीमा से बाहर बताकर 25 जिप्सी चालकों का एक लाख 25 हजार रूपए का चालन कर दिया है। जिसके विरोध में जिप्सी चालकों ने एआरटीओ प्रवर्तन को चालान को रदद करने और जिप्सियों को आलइंडिया परमिट देने की मांग की है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में घूमने के लिए केंटर और जिप्सियां ही मान्य हैं।

यह भी पढ़ें 👉 : नैनीताल हाईकोर्ट ने दिए गंगा खनन पर रोक के आदेश।

वहीं कॉर्बेट में चलने वाली जिप्सियों को केवल 35 किलोमीटर के क्षेत्रफल में ही चालाने की अनुमति परिवहन विभाग से मिलती है। बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में पहुंचे जिप्सी चालक ललित नेगी ने कहां कि रोजगार को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने रामनगर वनप्रभाग के सितावनी और तराई पश्चिम वनप्रभाग के फाटो जोन में सफारी शुरू कराई थी। उन्होंने बताया कि दोनों जोन 35 किलोमीटर के दायरे से बाहर आते हैं। कहा कि मंगलवार को सितावनी भ्रमण के दौरान 25 जिप्सी चालकों को एआरटीओ प्रवर्तन ने सीमा से बाहर होने पर पांच-पांच हजार रुपए का चालान काटने की कार्रवाई की। कहा कि जिप्सी चालाक आलइंडिया परमिट के बराबर फीस जमा करते हैं। उन्होंने जिप्सी चालकों को ऑल इंडिया परमिट देने की मांग की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.