पढ़िए एनसीआर की सड़कों पर भागते अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया ब्लाक धनाड गांव निवासी प्रदीप की पुरी कहानी।

NEWS 13 प्रतिनिधि अल्मोड़ा:-

अल्मोड़ा/ अपने जोश व जूनून के साथ मेहनत के दम पर रातों रात देश विदेश के कई युवाओं का प्रेरणास्रोत बन जाने वाला वैसे तो आज वो किसी परिचय का मोहताज नहीं है लेकिन आज हम आपको उसके परिवार के कुछ ऐसे अनछुए पहलुओं से रूबरू कराते हैं जिनके बारे में जानकर प्रदीप के लिए आपके दिलों में इज्जत और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया ब्लॉक के धनाड़ गांव निवासी प्रदीप मेहरा एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखतें हैं। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 12वीं करने के बाद प्रदीप के माता-पिता उन्हें पढ़ा नहीं पाए। गरीबी के कारण न केवल उनकी पढ़ाई छूट गई बल्कि छोटी सी उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों ने उसे दिल्ली जाने के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन नौकरी के लिए दिल्ली की सड़कों में भटकते प्रदीप ने फिर भी परिस्थितियों से हार नहीं मानी यही कारण है कि अपने सपनों को साकार करने के दिन रात मेहनत करने वाला प्रदीप आज करोड़ों दिलों पर राज कर चुका है।

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चौखुटिया ब्लाक के धनाड़ निवासी प्रदीप मेहरा पुत्र त्रिलोक सिंह मेहरा ने पिछले साल ही राजकीय इंटर कॉलेज तड़ागताल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। प्रदीप के पिता त्रिलोक सिंह मेहरा गांव मे ही रहकर खेतीबाड़ी करते हैं दुसरी ओर उसकी मां बीना मेहरा बीते दो साल से बेहद बीमार है। उनके फेफड़ों में सूजन की बीमारी है और दिल्ली के एक अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। प्रदीप का बड़ा भाई पंकज मेहरा भी दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करता है। दोनों भाई एक साथ रहकर परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठा रहे हैं। प्रदीप का चौखुटिया ब्लाक में स्थित पैतृक आवास आपदा से क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्तमान में उसके पिता इंदिरा आवास से बने एक मकान में रहते हैं। इतना ही नहीं उनके गांव में आज तक मोबाइल नेटवर्क की सुविधा तक नहीं है।

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