सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही केदारनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा होगी सुगम व आरामदायक।

NEWS 13 प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग:-

रद्रप्रयाग/ केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा को सुगम एवं आरामदायक बनाने के लिए बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। अब इसी कड़ी में केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब को रोपवे लिंक से जोड़ने की तैयारी चल रही है। अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द ही केदारनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब की यात्रा सुखद के साथ ही आरामदायक हो जाएगी। केंद्र सरकार की मदद से इन दोनों धामो को रोपवे से जोड़ा जाएगा। दो दिन पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम केदारनाथ में रोपवे संभावनाओं का जायजा लेने आई थी। इस बीच टीम ने केदारनाथ व सोनप्रयाग के साथ ही गौरीकुंड क्षेत्र का दौरा किया।

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एनएचएआई की रोपवे विंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के सीईओ प्रकाश गौड़ के नेतृत्व में आई टीम ने पूरे क्षेत्र का सर्वे किया। सीईओ प्रकाश गौड़ ने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में कुल 29 किमी की संयुक्त लंबाई के तीन रोपवे लिंक प्रस्तावित हैं। इनमें रुद्रप्रयाग जनपद में सोनप्रयाग व गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक और चमोली जिले में गोविंदघाट घांघरिया से हेमकुंड साहिब और नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर तक रोपवे लिंक शामिल हैं। सोनप्रयाग व गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 8.5 किलोमीटर चमोली में गोविंदघाट घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक 8.8 किलोमीटर और नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर तक 12 किमी लंबा रोपवे लिंक प्रस्तावित है।

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इसके लिए एनएचएआई ने फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए बिड मांगी हैं। 8 में से तीन परियोजनाएं उत्तराखंड में धरातल पर उतारी जानी हैं। उत्तराखंड और हिमाचल में रोपवे लिंक परियोजना का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा गया है। सीईओ प्रकाश गौड़ ने बताया कि हमने केदारनाथ में रोपवे लिंक परियोजना के तहत सोनप्रयाग गौरीकुंड-केदारनाथ का दौरा किया था। परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। हमने तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सर्वे किया है। उत्तराखंड में तीन परियोजनाओं की कुल लंबाई 29 किमी है।

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