ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन से रूद्रप्रयाग जिले का नरकोटा गांव आया खतरे की जद में, ग्रामीणों के घरों में पड़ी दरारें।

NEWS 13 प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग:-

रुद्रप्रयाग/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट और इस परियोजना से चारधाम यात्रा के सुविधाजनक होने के लगातार दावे किए जा रहे हैं परन्तु लेकिन जिन जगहों से रेल लाइन गुजर रही है वहां ग्रामीणों के आशियाने उजड़ रहे हैं। कई जगह से परियोजना को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। रेल लाईन के लिए सुरंगें बनाई जा रही हैं। जिसके लिए पहाड़ों में विस्फोट किया जा रहा है। इससे कई गांव के घरो पर दरारें आ गई हैं। रुद्रप्रयाग के नरकोटा गांव में का भी कुछ ऐसा ही हाल है। यहां कई मकानों में दरारें साफ देखी जा सकती हैं। आशियाना ढहने की कगार पर पहुंचा तो गांव की महिलाओं का गुस्सा रेल विकास निगम पर फूट पड़ा। टनलों के भीतर जबरदस्त डायनामाइट विस्फोटों से आवासीय भवनों को भारी नुकसान पहुंचने से परेशान ग्रामीणों ने रेल परियोजना का काम रोक दिया। मौके पर पहुंची महिलाओं ने आरबीएनएल के अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। मेघा कंपनी पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए । महिलाओं ने कहा कि कंपनी उड़ीसा और हैदराबाद समेत अन्य राज्यों से लोगों को लाकर रोजगार दे रही है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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टनल निर्माण की जगह पहुंची महिलाओं ने कहा कि लगातार हो रहे विस्फोट से उनके घरों में दरारें आ गई हैं उस पर आरबीएनएल गलत रिपोर्ट बनाकर गुमराह कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस बात को जानते हैं परन्तु उन्होंने अपनी रिपोर्ट में घरों को हुए नुकसान का जिक्र तक नहीं किया। गांव के सार्वजनिक रास्ते तोड़ दिए गए हैं। प्राकृतिक गदेरों को डंपिंग जोन बना दिया गया है। ग्राम पंचायत को प्रदूषण भत्ता व चारापत्ती का मुआवजा तक नहीं दिया गया। उस पर मेघा कंपनी बाहरी प्रदेशों से अपने लोगों को लाकर रोजगार देकर उन्हें फायदा पहुंचा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि मामले को लेकर जल्द ही जिलाधिकारी के सामने आरबीएनएल और ठेकेदार से बातचीत की जाएगी। ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नही हुआ तो ग्रामीण आमरण अनशन करने के लिए मजबूर होंगे। अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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