ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन निर्माण से दर्जनों गांवों के सूखे जलस्रोत ग्रामीण झेल रहे हैं जबरदस्त जलसंकट।

NEWS 13 प्रतिनिधि पौड़ी:-

श्रीनगर/ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन से एक और जहां गढ़वाल के एक बड़े क्षेत्र को पर्यटन और माल ढोने के लिये बड़ी सौगात मिलेगी वहीं दूसरी ओर इससे स्थानीय लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे लाइन निर्माण के कारण श्रीनगर तहसील के रामपुर-कांडी मारुगुण सहित क्षेत्र के कई गांवों में इस योजना के निर्माण से जल स्रोतों के सूखने के कारण जबरदस्त पेयजल संकट पैदा हो गया है। परियोजना निर्माण की कार्यकारी संस्था एलएंडटी द्वारा प्रयोग होने वाले केमिकल्स से ग्रामीणों के खेतों को भी भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे के संबंधित अधिकारियों और रेलवे की निर्माणकारी संस्था एलएंडटी से बार-बार अनुरोध करने पर भी उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। जबकि यह इलाका ऋषिकेश-बदरीनाथ पैदल यात्रा मार्ग का मुख्य पड़ाव है। जिसके चलते आने वाले यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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वहीं, मामले में जब मिडिया ने जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे से बात की तो उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को इलाके का मौका मुआयना करने और रेलवे की निर्माणकारी संस्था एलएंडटी को भी पेयजल समस्या के समाधान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा फिलहाल ग्रामीणों की पेयजल समस्या के तात्कालिक समाधान करने के लिए टैंकरों से पेयजल उपलब्ध करवाने के निर्देश दे दिये गये हैं। साथ ही उन्होंने पेयजल स्त्रोत के ऊपर रेलवे की निर्माणदायी संस्था एलएंडटी द्वारा हैंडपंप लगाने से जलस्रोत के सूखने और केमिकल्स के प्रयोग से ग्रामीणों की खेती के बर्बाद होने की जांच के लिए एक ज्वाइंट कमेटी बनाने की बात भी बात कही।

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