रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल के भाई की मौत या आत्महत्या, विधायक ने मौत पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए करवाई एफआईआर दर्ज।

न्यूज़ 13 प्रतिनिधि अल्मोड़ा

अल्मोड़ा/ जिले के रानीखेत विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रमोद नैनवाल ने अपने भाई सतीश नैनवाल की अचानक हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताते हुए साजिश की आशंका जताई है। विधायक का कहना है कि उनके भाई की मौत सामान्य नहीं लगती है और इसके पीछे किसी गहरे षड्यंत्र की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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विधायक प्रमोद नैनवाल के मुताबिक उनके भाई की मौत से ठीक पहले इंटरनेट मीडिया पर कई आपत्तिजनक और संदिग्ध पोस्ट डाली गई थीं। इन पोस्टों की भाषा और आशय को लेकर उन्होंने चिंता जताई है। उनका आरोप है कि इन पोस्टों के माध्यम से उनके भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनकी सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्ट के कुछ ही वक्त बाद सतीश नैनवाल की मृत्यु होना इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बनाता है।

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प्रमोद नैनवाल ने भतरौंजखान थाने में लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को दिए गए आवेदन में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं जिन पर इन पोस्टों को डालने का आरोप है

 संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। विधायक ने आरोप लगाया है कि नामित व्यक्तियों ने जानबूझकर उनके भाई पर मानसिक दबाव बनाने और सामाजिक बदनामी करने की कोशिश की। उनका मानना है कि इस तरह की गतिविधियों ने उनके भाई की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला होगा। उन्होंने आशंका जताई कि यह पूरा मामला केवल सोशल मीडिया विवाद नहीं बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र भी हो सकता है।

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तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधायक को इंटरनेट मीडिया के जरिए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी गई। प्रमोद नैनवाल ने स्पष्ट कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट आरोपों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू की जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।

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